डिपो में खड़ी हैं 21 बसें, 15 साल से पुराने वाहनों की दिल्ली में बंद है एंट्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। प्रदूषण के चलते बिगड़ती स्थिति को काबू करने के लिए दिल्ली में ग्रैप-2 लागू कर दिया गया है। दिल्ली में पॉल्यूशन के चलते हवा जहरीली हो रही है। इसी वजह से 15 साल पुराने डीजल वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। जिसके चलते डिपो के पास मौजूद बीएस-4 की 21 बसों को भी खड़ा कर दिया। इन बसों में से एक या दो को गांव के रूटों पर चलाया जा रहा है।
बल्लभगढ़ बस डिपो के पास कुल 158 बसें हैं। जिसमें किलो मीटर स्कीम वाली बसें भी शामिल हैं। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए 23 अक्तूबर को ग्रैप दो लागू कर दिया है। जिसके अनुसार 15 साल से पुराने वाहनों की अब दिल्ली में एंट्री बंद कर दी है। डिपो के पास 21 बीएस-4 बसें हैं। जिनको ग्रैप दो लागू होने के बाद खड़ा कर दिया है। इनमें से कुछ बसों को कभी कभार आगरा, अलीगढ़ के रूटों पर भेज दिया जाता है। 158 में से 21 बसें डिपो के अंदर खड़ी होने की वजह से कई रूटों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्क्स मैनेजर जितेंद्र यादव ने बताया कि अभी बीएस-4 की बसों को डिपो के अंदर खड़ा किया हुआ है। इन बसों को कुछ समय के बाद लोकल एरिया और आगरा अलीगढ़ के रूटों पर चलाया जाएगा। ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा दी जा सके।
परिचालकों की भी है कमी
मैनेजर जितेंद्र यादव ने बताया कि डिपो करीब दो महीने से परिचालकों की कमी झेल रहा है। करीब 19 परिचालकों का चुनाव से पहले तबादला कर दिया गया था लेकिन नए कौशल योजना के तहत आने वाले 39 परिचालकों की अभी नियुक्त नहीं की गई है। जिसकी वजह से डिपो में हर रोज 20 से 25 बसें खड़ी रहती हैं। परिचालकों की नियुक्ति के लिए कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।