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Faridabad News: पलवल और नूंह में लंबे समय से रह रहा था पाकिस्तानी जासूस

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-पलवल-नूंह कनेक्शन में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क की जांच तेज
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राहुल राज



पलवल। मेवात क्षेत्र में कथित पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता तेज हो गई है। केंद्रीय खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद पलवल और नूंह से चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी एजेंट ने पूरे मेवात क्षेत्र में अपना नेटवर्क तैयार किया हुआ था। उसके पाकिस्तान फरार होने के बाद खुफिया विभाग ने उससे जुड़े लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। संदिग्ध पाकिस्तानी एजेंट पहले बहीन थाना क्षेत्र के गांव पावसर में काफी समय रहा था। इसके बाद नूंह जिले के तावडू इलाके में भी रहता था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तानी जासूस ने पूरे मेवात क्षेत्र में अपना नेटवर्क तैयार किया हुआ है। उसके पाकिस्तान फरार होने के बाद एजेंसियों ने उससे जुड़े लोगों की धरपकड़ तेज कर दी है। हिरासत में लिए गए युवकों में एक बहीन थाना क्षेत्र के गांव पावसर का निवासी उसका खास साथी बताया जा रहा है, जबकि दो अन्य युवक पलवल जिले के हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साल 2017 के दौरान ये युवक जम्मू-कश्मीर में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में आए थे, जिनके पाकिस्तान लिंक होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आधिकारिक बयान देने से बच रही हैं। जांच गोपनीय तरीके से की जा रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस मामले में एसपी और डीएसपी हेडक्वार्टर से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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पहले भी पकड़े जा चुके है जासूस

-हथीन क्षेत्र में पाकिस्तान को गुप्त सूचनाएं भेजने के आरोप में पकड़े थे दो युवक



संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। जिले के हथीन क्षेत्र से पहले भी पाकिस्तान को गुप्त सूचनाएं भेजने के आरोप में दो युवकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। क्राइम ब्रांच पलवल की टीम ने कथित जासूसी मामले में तौफिक और वसीम अकरम को गिरफ्तार किया था। टीम ने 28 सितंबर को आलीमेव गांव निवासी तौफिक को पकड़ा था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, तौफिक भारतीय सैन्य गतिविधियों और रक्षा तैयारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां वॉट्सएप के जरिए दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में एक कर्मचारी को भेजता था। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से जासूसी और देशद्रोह से जुड़े कई अहम सबूत मिले थे। पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2022 में पाकिस्तान यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात उक्त कर्मचारी से हुई थी। जिसके बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि तौफिक लोगों के वीजा लगवाने और उन्हें पाकिस्तान भेजने का काम करता था।
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पुलिस को आशंका है कि उसके तार सीमा पार बैठे खुफिया एजेंटों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसके बाद 30 सितंबर को क्राइम ब्रांच ने यूट्यूबर वसीम अकरम को भी गिरफ्तार किया। वसीम नूंह के इतिहास से जुड़े वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करता था। आरोप है कि वह पिछले चार वर्षों से पाकिस्तान दूतावास में तैनात दानिश और एक अन्य कर्मचारी के संपर्क में था। वसीम के मोबाइल से भी कई संदिग्ध चैट मिली थी।
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