मौसमी दशाओं में हुए मामूली सुधार के बाद भी दिल्ली की हवा बेहद खराब रही। नए साल के पहले दिन करीब 80 फीसदी इलाकों में प्रदूषण सूचकांक 300 बना रहा। राहत की बात है कि दिल्ली में कहीं भी हवा गंभीर श्रेणी में नहीं रही, जबकि एक दिन पहले दिल्ली के 14 केंद्रों पर स्थिति गंभीर थी। वहीं हवा में सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर से ग्रैप-तीन की पाबंदियों को हटा दिया है। हालांकि ग्रैप-1 और ग्रैप-2 के तहत आने वाले प्रतिबंध लागू रहेंगे।
सोमवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 346 दर्ज किया गया, जोकि बेहद खराब श्रेणी है। यह रविवार के मुकाबले 36 अंक कम है। सोमवार सुबह हल्का कोहरा छाने के कारण प्रदूषण कणों को फैलने का मौका नहीं मिला, दिन में काफी हल्की धूप खिलने से थोड़ी राहत मिली। 32 इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में रही। इसके अलावा तीन इलाकों में एक्यूआई 200 के पार रहा। दिल्ली की हवा समग्र रूप से बेहद खराब श्रेणी में बनी रही। कमोबेश गुरुवार तक यही स्थिति बनी रहेगी।