बुराड़ी में सबसे अधिक लोगों की गई जान, साइकिल चालकों के लिए तीन सर्किल खतरनाक
- क्रैश में सर्वाधिक 80 मौतें बुराड़ी में हुईं। इस दौरान नजफगढ़ में 58, बवाना में 52, मंगोलपुरी और नांगलोई में 49-49 लोगों की जान गईं।
- बुराड़ी, मंगोलपुरी, नजफगढ़, द्वारका और कल्याणपुरी सर्किल में दोपहिया वाहन चालक हुए ज्यादा शिकार।
- साइकिल से चलने वालों के लिए नांगलोई, कापसहेड़ा और महरौली सर्किल बेहद खतरनाक रहे। 2021 में तीनों सर्किल में सर्वाधिक साइकिल सवार की मौतें हुईं।
- ट्रक के कारण बुराड़ी में सर्वाधिक मौतें हुई जबकि नांगलोई, नजफगढ़, दिल्ली कैंट और मंगोलपुरी सर्किल में भी इस दौरान अधिक मौतें हुईंं।
- बसों से हुई टक्कर में सर्वाधिक मौत नजफगढ़, कल्याणपुरी, सीमापुरी, मंगोलपुरी, तिलक नगर और राजौरी गार्डन सर्किल में हुआ।
- कारों से इस दौरान सर्वाधिक मौत नजफगढ़ में हुई। बवाना, द्वारका, दिल्ली कैंट और महरौली सर्किल में भी इस दौरान अधिक मौतें हुईं।
रोकी जाने वाली घटनाएं क्रैश हैं, दुर्घटना नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन सड़क पर होने वाली मौत की पहचान रोकथाम के लायक स्वास्थ्य महामारी के तौर पर देखता है। सड़क पर होने वाली घटनाओं को लोग कैसे देखते हैं और बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं, ऐसी घटनाओं के लिए बेहद अहम हैं। ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी दुर्घटना शब्द को संयोग से होने वाली घटना के तौर पर परिभाषित करती है। बगैर किसी स्पष्ट कारण या जानबूझकर के उठाए गए कदम को दुर्भाग्य से होने वाली घटना नहीं कहा जा सकता।
सड़क पर वाहनों की वजह से होने वाली घटनाओं में चोट लगाने या मौत को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। यह संयोग नहीं है, उन्हें पहचाना और रोका जा सकता है। ऐसी घटनाओं को दुर्घटना कहने से आम जन का समर्थन कमजोर पड़ सकता है। सड़कों पर होने वाले क्रैश को रोका जा सकता है। मसलन, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को बचाने के लिए चेक पॉइंट, स्पीड कैमरा, कम स्पीड, हेलमेट पहनने जैसे उपायों से बचाव संभव है।
राल्फ एट अल के एक अध्ययन में लेखकों ने संकेत दिए हैँ कि एक कार दुर्घटना को एक्सिडेंट कहा जाना एक और चूक है। चूंकि ऐसी घटनाओं के लिए कई बार खुद चालक जिम्मेवार होता है। संयोगवश नहीं है, क्योंकि कारणों पर रोक लगातार स्वास्थ्य को नुकसान से बचाया जा सकता है। क्रैश के दौरान सभी कारणों और घटना के दौरान सभी पहलुओं पर गौर किया जाना चाहिए।