हादसे से चंद मिनटों पहले धर्मवीर की पत्नी पुष्पा को अचानक कुछ आवाज सुनाई दी। उसे लगा कि शायद मकान में कुछ हरकत हो रही है। वह तुरंत अपने दस साल के बेटे विवेक को लेकर मकान से बाहर निकल गई। दूसरी मंजिल पर मौजूद अपनी सास अनारो देवी को उसने बाहर निकलने के लिए कहा।
लेकिन सास ने साड़ी बदलने के बाद आने की बात की। पुष्पा तो पास में अपने एक रिश्तेदार के घर चली गई। बाद में उसे मकान गिरने का पता चला। वह भागकर आई तो पता चला कि मजलबे में उसके सास और ससुर धनीराम दबे हैं। बाद में पुष्पा के सामने ही धनीराम और अनारो को मलबे से निकाला गया।
पुष्पा ने बताया कि घर में उसके जेठ राजू और उनका बेटा राहुल रहते हैं। राजू की पत्नी नीलम व उसकी बेटी भावना विवाद होने के बाद अपने मायके में रहती है। हादसे के समय राजू व राहुल किसी काम से बाहर गए थे। राजू की बहन बबीता भी किसी रिश्तेदार के यहां गई थी। वहीं धर्मवीर अपने ऑफिस गया हुआ था। इसे इत्तेफाक ही कहेंगे के कि जिस समय हादसा हुआ, यहां काम करने वाले चार मजदूर भी लंच टाइम में खाना खाने गए हुए थे।
1.30 बजे मकान भरभराकर गिर गया। पुष्पा ने बताया कि यदि घर के सभी लोग मकान में मौजूद होते तो शायद हादसा बड़ा हो सकता था। हादसे में मकान के बाहर बैठे कांती शर्मा उर्फ पंडित (60) उसकी चपेट में आकर मौत का शिकार हो गए। कांती परिवार के साथ ई-4/425 में रहते थे। इनके परिवार में एक बेटा व दो बेटी हैं।