आम आदमी पार्टी व भाजपा में एमसीडी में पार्षद मनोनीत करने के मामले में चल रहे टकराव के बीच दिल्ली की मिनी सरकार को मंगलवार को 'बिग बॉस' मिल सकता है। छह जनवरी की तरह सदन में हंगामा नहीं होने की स्थिति में मंगलवार को होने वाली बैठक में नवनिर्वाचित व मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने के साथ महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव होने की पूरी संभावना है।
हालांकि छह जनवरी को बैठक में मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने के कारण जबरदस्त हंगामा हो गया था। इस कारण बैठक में कोई कामकाज नहीं हो सका था। महापौर पद पर आप की शैली ओबेरॉय के सामने भाजपा की रेखा गुप्ता चुनाव लड़ रही हैं, एमसीडी सदन में दलीय स्थिति को देखें तो आप का पलड़ा भारी है।
एमसीडी सदन की छह जनवरी हुई बैठक में मनोनीत पार्षदों को पहले शपथ दिलाने के कारण आप के सदस्यों ने किए गए हंगामे के बावजूद मंगलवार को होने वाली बैठक की कार्यसूची में कोई परिवर्तन नहीं किया है। लिहाजा छह जनवरी की तरह मंगलवार की बैठक की कार्यसूची एक समान है। इस कारण कार्यसूची के पहले प्रस्ताव में नवनिर्वाचित व मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलानी है, मगर प्रस्ताव में यह स्थिति स्पष्ट नहीं है कि पहले किस श्रेणी के पार्षदों को शपथ दिलाई जाए।
पीठासीन अधिकारी की ओर से पहले मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने की स्थिति में आप सदस्यों के एक बार फिर हंगामा करने की संभावना है। इस संबंध में उन्होंने संकेत भी दे दिए हैं। आप का कहना है कि कार्यसूची में पहले निर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाने की बात लिखी है। इस कारण उनको पहले शपथ दिलानी चाहिए। उधर, पीठासीन अधिकारी एक बार फिर मनोनीत पार्षदों को पहले शपथ दिला सकती हैं, क्योंकि उपराज्यपाल ने सदन की बैठक तय करने के जारी किए आदेश में इस संबंध में दिशा निर्देश नहीं दिए हैं।
एमसीडी सदन की बैठक में नवनिर्वाचित व मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाने के बाद महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव होगा। पूर्ण बहुमत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी ने अपनी पार्षद शैली ओबेरॉय को मेयर प्रत्याशी बनाया है जबकि दूसरे नंबर पर रही भाजपा की मेयर उम्मीदवार रेखा गुप्ता हैं। उपमहापौर पद के चुनाव में आप ने आले मोहम्मद इकबाल और भाजपा ने कमल बागड़ी को उम्मीदवार बनाया है। सियासी अंकगणित आप के पक्ष में हैं। इसके हिसाब से उसकी जीत पक्की मानी जा रही है।
दूसरी तरफ सदन से चुने जाने वाले स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव में भी आप व भाजपा आमने-सामने हैं। आप ने चार उम्मीदवार मैदान में उतार रखे हैं, जबकि भाजपा ने तीन उम्मीदवारों का नामांकन दाखिल कराया हुआ है। पार्षदों की संख्या बल के आधार पर आप व भाजपा के तीन सदस्य जीतेंगे। आप के पास चौथे सदस्य की जीत के लिए पर्याप्त वोट नहीं है, जबकि भाजपा के पास तीनों सदस्यों की जीत के लिए पूरे वोट हैं।
जीत हासिल करने के लिए आप व भाजपा ने लगा रखी है पूरी ताकत
महापौर व उपमहापौर के चुनाव में भाजपा जीत के मामले में आप के पार्षदों के भितरघात करने पर आस लगाए हुए है, जबकि आप अपने पार्षदों को साथ जोड़े रखने में लगी हुई है। दरअसल भाजपा जीत के आंकड़े से दूर है और उसकी जीत आप में सेंध लगने पर ही हो सकती है। इस बारे में आप व भाजपा भली-भांति वाकिफ है।
एमसीडी में दलबदल कानून नहीं है, इस कारण दल बदलने और क्रॉस वोटिंग करने पर पार्षदों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। महापौर चुनाव में समस्त चुने हुए 250 पार्षद, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष ने एमसीडी में मनोनीत किए 14 विधायक व लोकसभा के सात और राज्यसभा के तीन सांसद मतदान करेंगे। इस तरह उनको महापौर चुनाव में मतदान करने का अधिकार है। इन दोनों चुनाव में वैध मतों में 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त करने वाले पार्षद को निर्वाचित घोषित किया जाएगा।
उपमहापौर व स्थायी समिति के छह सदस्यों का चुनाव नव निर्वाचित महापौर कराएंगी। स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव में सांसदों व विधायकों को वोट देने का अधिकार नहीं है। वहीं, मनोनीत पार्षदों को सदन में किसी भी मसले पर वोट देने का अधिकार नहीं मिला हुआ है। स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव राज्यसभा के सदस्यों की तरह होता है और इस चुनाव की मतगणना के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को बुलाया गया है। कांग्रेस के नौ पार्षदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लेने का एलान किया है। आप को अपने चारों पार्षदों को जिताने के लिए 140 वोट चाहिए, जबकि उसके पास 134 वोट हैं।
भाजपा को अपने तीनों पार्षदों की जीत के लिए 105 वोट की जरूरत है और उसके पास 105 वोट हैं। स्थायी समिति के चुनाव में एक पार्षद एक ही उम्मीदवार को वोट दे सकता है और मतगणना के दौरान पार्षदों की ओर से मतदान में दी जाने वाली दूसरी और तीसरी प्राथमिकता की वोटों की भी गणना होती है।
महापौर पद की उम्मीदवार- शैली ओबेरॉय (आप), रेखा गुप्ता (भाजपा)
उपमहापौर पद के उम्मीदवार- आले मोहम्मद इकबाल (आप), कमल बागड़ी (भाजपा)
स्थायी समिति के छह सदस्यों के उम्मीदवार- आमिल मलिक, रमिंदर कौर, मोहिनी जीनवाल और सारिका चौधरी (आप)
कमलजीत सहरावत, गजेंद्र दराल और पंकज लूथरा (भाजपा)
एमसीडी में दलीय स्थिति
| दल |
पार्षद |
विधायक |
सांसद |
कुल |
| आप |
134 |
13 |
03 |
150 |
| भाजपा |
105 |
01 |
07 |
113 |
| कांग्रेस |
009 |
--- |
--- |
009 |
| निर्दलीय |
002 |
--- |
--- |
002 |
तीनों चुनाव में एक साथ होगा मतदान
एमसीडी के महापौर, उपमहापौर व स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव में अलग-अलग के बजाय एक साथ मतदान होगा, मगर मतों की गणना अलग-अलग समय पर होगी। निगम सचिवालय ने समय की बचत के लिए सभी पदों के लिए एक साथ मतदान कराने के लिए निर्णय लिया है। उसने मतों की पहचान के लिए सभी पदों के लिए अलग-अलग रंग के मत पत्र छपवाए हैं। इसके अलावा मत पत्रों के रंग वाली मतपेटी रखी है यानि जिस रंग का मत पत्र होगा, पार्षदों को उसे उसी रंग की मतपेटी में डालना होगा। निगम सचिवालय ने महापौर पद के चुनाव के लिए सफेद रंग का मत पत्र छपवाया है, जबकि उपमहापौर पद के चुनाव में हरे रंग का मत पत्र होगा और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव में गुलाबी रंग के मत पत्र पर पार्षद अपनी प्राथमिकता दर्ज करेंगे।
वहीं निगम सचिवालय ने मतदान तेजी से कराने के लिए दो बॉक्स रखे हैं। एमसीडी के इतिहास में पहली बार सभी पदों के लिए एक साथ मतदान कराने के साथ-साथ अलग-अलग रंग के मत पत्र छपवाए गए हैं। इससे पहले सभी पदों के लिए अलग-अलग मतदान हुआ है और मत पत्र सफेद रंग के छपवाए जाते थे। एमसीडी के अधिकारियों के अनुसार महापौर, उपमहापौर व स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए भले ही मतदान एक साथ कराया जाएगा, लेकिन मतगणना एक साथ नहीं होगी।
सबसे पहले महापौर के चुनाव के लिए डाले गए मतों की गणना होगी। इसके बाद महापौर की ओर से उपचुनाव की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। चुनाव में दोनों उम्मीदवारों के डटे रहने की स्थिति में वह मतों की गणना का निर्देश देगी। इसी तरह स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव में किसी एक पार्षद के नामांकन पत्र वापस नहीं लेने पर मतगणना कराई जाएगी।
पार्षदों के समर्थकों को एलईडी स्क्रीन पर दिखाई जाएगी सदन की कार्यवाही
एमसीडी के सदन में पार्षदों व अधिकारियों को ही जाने की अनुमति होगी। लिहाजा पार्षदों के समर्थक व मीडिया कर्मी सदन में नहीं जा सकेंगे। पार्षदों व अधिकारियों को आईकार्ड लेकर आना होगा। पार्षदों के समर्थकों को सदन की कार्यवाही सिविक सेंटर के ए ब्लॉक के भूतल पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाई जाएगी।
यहां पर दो बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं और पार्षदों के समर्थकों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। मीडिया की कवरेज के लिए दर्शक दीर्घा का प्रेस दीर्घा में परिवर्तन किया है। इस तरह मीडिया कर्मी वहां से कवरेज करेंगे। प्रेस दीर्घा में केवल उन्हीं मीडिया कर्मी को प्रवेश दिया जाएगा, जिसे एमसीडी का प्रेस विभाग अनुमति देगा।