दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ ने नामी ब्रॉड की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपयिं को गिरफ्तार किया है। ये हिंदुस्तान यूनिलीवर लि.व हल्दीराम की फ्रेंचाइजी देने का झांसा देते थे और पीड़ित से लाखों रुपये ठग लेते थे। जांच में ये बात सामने आ रही है कि आरोपी पूरे देश में लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे थे। ये देशभर में सैंकड़ों लोगों से करोड़ रुपये ठग चुके है। मध्यप्रदेश का एक व दिल्ली के दो पीड़ित शनिवार शाम तक आईएफएसओ के पास पहुंचे है।
आईएफएसओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ककरौला, द्वारका निवासी सुभाष ने आईएफएसओ में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे इंटरनेट पर सर्च के दौरान पता लगा कि उसे पता लगा कि हिंदुस्तान यूनिलीवर अपनी फ्रेंजाइजी दे रहा है। उसने इसके लिए नेट पर आवेदन कर दिया। इसके बाद उसके पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने उससे विभिन्न तरह की फीस व फर्नीचर देने के नाम पर 6.47 लाख रुपये जमा करा लिए थे।
सुभाष की शिकायत पर मामला दर्जकर एसआई मनोज यादव एसआई मंजीत की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने नालंदा, बिहार निवासी सनतन कुमार ओर शेखूपरा, बिहार निवासी सागर को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों ने बताया कि वह गिरोह के सदस्य हैं। उनका काम तो बैंक खातों से ठगी रकम को निकालना है। पुलिस टीम गिरोह के अन्य सदस्यों को पकडने लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है।
आरोपी ऐसे करते थे ठगी
आईएफएसओ के पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी हिंदुस्तान यूनिलीवर या हल्दीराम की साइट से मिलती-जुलती साइट का डोमिन नाम लेकर साइट बना लेते थे। जब कोई पीड़ित साइट पर विजिट करता था तो उन्हें लगता था कि वह असली साइट है। ये साइट पर फ्रेंचाइजी देने का ऑफर देते थे। कोई पीड़ित साइट पर डिटेल भर देता तो ये उसे कॉल करते थे। कॉल कर पीड़ित को विभिन्न तरह के चार्ज लगने व फर्नीचर आदि के नाम पर मोटी रकम जमा करा लेते थे। पैसे को ये बैंक से निकाल कर गायब हो गए थे।
पूरे देश में कर रहे थे ठगी
आईएफएसओ अधिकारियों के अनुआर आरोपी पूरे देश में ठगी कर रहे थे। पुलिस के पास अभी मध्यप्रदेश का एक व दिल्ली के दो पीड़ित सामने आए हैं। धीरे-धीरे और पीड़ित सामने आ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने सैंकड़ों पीड़ितों से करोड़ो की ठगी है।