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Delhi: देवेंद्र यादव ने संभाली दिल्ली कांग्रेस की जिम्मेदारी, कहा- पार्टी को करेंगे मजबूत; दलबदलुओं को कोसा

Mon, 06 May 2024 03:36 AM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के तमाम नेताओं ने पार्टी आलाकमान की ओर से आप के साथ लोकसभा चुनाव लड़ने के निर्णय को उचित ठहराया। इतना ही नहीं, उन्होंने दिल्ली की समस्त सातों सीटों पर गठबंधन को जिताने का संकल्प लिया। साथ ही, अगले वर्ष दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनाने का भी ऐलान किया।
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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव की ताजपोशी के दौरान माला पहनकर उनका स्वागत किय - फोटो : भूपिंदर सिंह
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विस्तार
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पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन, प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा व चौ. अनिल कुमार के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे देवेन्द्र यादव ने अंतरिम अध्यक्ष बनाने पर पार्टी के तमाम आला नेताओं का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर देवेन्द्र ने कहा कि इस चुनौती पूर्ण समय में हमें एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने के लिए से पार्टी की विचारधारा के अनुरूप काम करना है। आज देश कांग्रेस की ओर देख रहा है, क्योंकि भाजपा सरकार के 10 वर्षों के शासन में गरीब, मजदूर, युवा, महिला, किसान व निम्न वर्ग परेशान है। इसके अलावा देश की 95 प्रतिशत जनसंख्या भाजपा के पूंजीपति संरक्षण की नीति से पीड़ित है। हमें संविधान को बचाने के लिए लड़ाई लड़नी होगी। चुनाव में हमें मिलकर काम करना है और चुनौती भरे समय में 25 मई को दिल्ली की सभी सातों सीटों पर गठबंधन के उम्मीदवारों को विजयी बनाकर यह संघर्ष तब तक जारी रखना है जब तक कांग्रेस दिल्ली में पुरानी जमीन वापस नहीं पा लेती। इसके लिए हमें दिल्ली के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होगा और वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को दिल्ली में बहुमत के साथ वापसी करानी होगी।

लवली के सुर में सुर मिलाने वाले तमाम नेता भी पहुंचे
आप के साथ गठबंधन, उत्तर पश्चिम दिल्ली से डाॅ. उदित राज व उत्तर पूर्व दिल्ली से कन्हैया कुमार को टिकट देने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से अरविंदर सिंह लवली के त्याग पत्र देने के बाद उनके घर पहुंचे अधिकतर कांग्रेस नेता कार्यक्रम में पहुंचे। गत सप्ताह पहले लवली के सुर में सुर मिला रहे थे, जबकि रविवार को उन्होंने पार्टी आलाकमान के निर्णय पर मुहर ही नहीं लगाई, बल्कि गठबंधन के सभी उम्मीदवारों को जिताने के लिए काम करने की बात कही। गत दिनों तक लवली के करीबी रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, पूर्व सांसद संदीप दीक्षित, पूर्व विधायक भीष्म शर्मा, सुरेंद्र कुमार के अलावा जितेन्द्र कुमार कोचर आदि मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में कई पूर्व विधायक नजर नहीं आया।
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एक घंटा पहले ही आने लगे थे कार्यकर्ता
कार्यक्रम शुरू होने से एक घंटा पहले ही कार्यकर्ता पार्टी की टोपी पहनकर हाथों में झंडे लेकर ढोल-नगाड़ों के साथ आने शुरू हो गए थे। देवेन्द्र 
यादव के कार्यालय के गेट पर पहुंचते ही कार्यकर्ता उनको कंधों पर उठाकर मंच तक लाए।



कांग्रेस का हाथ छोड़ने वाले नेताओं को कोसा
कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के लिए पार्टी नेताओं में भारी गुस्सा है। देवेंद्र यादव के कार्यभार संभालने के कार्यक्रम में पहुंचे पार्टी के अधिकतर नेताओं ने पार्टी छोड़ने वालों को जमकर कोसा। इतना ही नहीं, आलाकमान से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसे नेताओं को वापस न लिया जाए और वापस लेने की स्थिति में कोई भी जिम्मेदारी न दी जाए। पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने कहा कि आज हमारे अपनों ने खंजर से हमला किया है। कुछ स्वार्थ, डर, भय, लालच के कारण भाजपा में गए हैं। ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं किया जा सकता। लिहाजा, घबराने की बात नहीं है, क्योंकि हमेशा न तो अच्छा समय रहता है, न ही खराब। 

वहीं पूर्व मंत्री हारून युसूफ ने कहा कि विचारधारा छोड़ने वाले धोखा दे रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि जोश व ईमानदारी के अभाव वाले पार्टी छोड़ रहे है। जबकि पूर्व अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कांग्रेस को मां की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि मां को कभी छोड़ा नहीं जा सकता। पूर्व विधायक विजय लोचव ने कहा कि हर जगह धोखबाज होते हैं। ऐसे ही हमारे बीच भी थे। पूर्व विधायक भीष्म शर्मा ने कहा कि कांग्रेस छोड़कर दूसरे दलों में गए नेता कभी आगे नहीं बढ़े हैं। पूर्व महापौर फरहाद सूरी ने पार्टी छोड़कर जाने वालों को वापस नहीं लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं की वापसी अब बर्दाश्त नहीं की जा सकती। पूर्व विधायक वीर सिंह घींगान ने कहा कि कांग्रेस जैसी इज्जत अन्य जगह नहीं मिलेगी।
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