दक्षिण दिल्ली नगर निगम के आयुक्त 23 नवंबर को बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे, जबकि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ने 25 नवंबर को बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है, वहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त 26 नवंबर को बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। सूत्रों के अनुसार तीनों आयुक्तों ने बजट प्रस्ताव तैयार कर लिया है और उन्होंने नया टैक्स नहीं लगाने का निर्णय लिया है। इसी तरह उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स समेत अन्य टैक्स और पार्किंग शुल्क समेत अन्य शुल्क में बढ़ोतरी नहीं करने का भी फैसला लिया है।
तीनों नगर निगम के आयुक्तों ने अपने-अपने नगर निगम के अगले वर्ष के बजट प्रस्ताव तैयार कर लिए है। वह अगले सप्ताह के दौरान अपने नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में बजट प्र्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। बताया जा रहा है कि चुनावी वर्ष होने के कारण उनकी ओर से नया टैक्स लगाने और वर्तमान में लगे टैक्स एवं शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाने की संभावना नहीं है। दरअसल हर बार चुनावी वर्ष के दौरान सत्तापक्ष की ओर से टैक्स संबंधी प्रस्तावों को नकार दिया जाता है।
सूत्रों के मुताबकि आयुक्तों ने जनता को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई योजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए है। इन प्रस्तावों में साफ सफाई, कूड़े की समस्या के निदान, विकास कार्यों, चिकित्सा सुविधा से संबंधित आदि शामिल है। इसके अलावा जनता पर भार डाले बिना नगर निगम के राजस्व का बढ़ाने की योजनाओं के भी प्रस्ताव है, वहीं कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े प्रस्ताव भी तैयार किए गए है।
तीनों नगर निगम का अगले साल 31 मार्च को कार्यकाल पूरा हो जाएगा। इस तरह उनके अप्रैल माह में चुनाव होंगे। इस कारण इस बार तीनों नगर निगम ने अपना बजट पास करने की प्रक्रिया जल्द आरंभ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बजट पास करने का कार्यक्रम तैयार कर लिया है। स्थायी समिति दिसंबर माह में बजट पास करेगी। इसके बाद जनवरी माह के दौरान सदन में बजट को अंतिम रूप देकर पास किया जाएगा। इस तरह इस बार करीब एक माह पहले बजट पास किया जाएगा। दरअसल प्रतिवर्ष फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में बजट पास किया जाता था, मगर चुनाव के कारण आचार संहिता लागू होने के पर कोई नई घोषणा नहीं की जा सकती है। आम तौर पर नगर निगम में सत्तारूढ़ दल बजट में कई घोषणा करता है।