बेइज्जती का बदला लेने के लिए की गई थी शिवम की हत्या
आरोपियों से पूछताछ में खुलासा किया है कि 27 फरवरी को रात साढ़े ग्यारह बजे दीपक और पंकज युसूफ सराय चने वाली गली में पहुंचे। वहां मौजूद शिवम पांडेय ने दीपक को बेईज्जत करते हुए बुलाया। वह वही रूक गए। उस वक्त दिशू भी शिवम के साथ था। यहां इनके बीच कहासुनी हो गई। इस बीच दीपक ने अंकित, हिमांशु, और हंसराज को बुला लिया। इनके बीच झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान पंकज ने दिशू और हंसराज ने डंडे से शिवम पर हमला किया। उन्हें चोट आई और वह मौके से फरार हो गए। इसके बाद शिवम ने अपनी साथियों को एकत्रित किया।
दूसरी तरफ दीपक, पंकज, हिमांशु, अंकित और विजयपाल अलग जगह पर जमा हुए। जब उन्हें पता लगा कि शिवम ने कुछ लड़कों को एकत्रित किया है तो वे दीपक को तलाश रहे हैं। ऐसे में इन्होंने शिवम की हत्या करने की साजिश रची। दीपक और हिमांशु घर से पिस्टल ले आए थे। ये संजीव के घर पहुंचे। उन्होंने संजीव को प्लान के बारे में बताया और वह भी साजिश में शामिल हो गया था। संजीव ने सबको अपने घर पर छत पर भेज दिया था। जब वहां शिवम आया और वह संजीव से बात कर रहा था। तभी संजीव ने सिग्रल देते ही अपने सहयोगियों को बुला लिया था। इसके बाद घर से बाहर निकलकर दीपक, हिमांशु, पंकज और हंसराज ने शिवम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी।