फरीदाबाद में पांच अक्तूबर को लियाकत के सिर में ईंट मारकर साले इमरान ने ही उसकी हत्या की थी। वारदात के बाद से वह फरार था, जिसे क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने रविवार को ओल्ड फरीदाबाद में लेबर चौक से गिरफ्तार कर लिया। एक दिन की रिमांड लेकर पूछताछ के बाद आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
डबुआ कॉलोनी थाना पुलिस ने मणी की टाल के पास एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। युवक के सिर में किसी भारी चीज से हमला कर हत्या की गई थी। मृतक की पहचान उत्तम नगर, गाजीपुर रोड निवासी लियाकत के रूप में हुई। पत्नी शहनाज की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर क्राइम ब्रांच डीएलएफ की टीम ने जांच शुरू की।
इस दौरान पुलिस को पता चला कि शहनाज का भाई इमरान पिछले 15-20 दिन से अपनी बहन के पास रह रहा था। इमरान सीही गांव में रहता था। करीब 6 साल पहले वह अपना मकान आदि बेचकर गाजियाबाद जाकर रहने लगा था। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि घटना वाले दिन इमरान और लियाकत का झगड़ा हुआ था और लियाकत की हत्या के बाद से वह फरार था। इस पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
मजदूरों की फोटो दिखाकर पहचान कराई
एसीपी मुख्यालय आदर्शदीप सिंह ने बताया कि पुलिस टीम इमरान की तलाश में गाजियाबाद पहुुंची तो पला चला कि वह यहां से भी अपना मकान बेचकर चला गया है। इस पर इमरान की फोटो लेकर उसकी तलाश शुरू की। शहनाज ने बताया कि इमरान मजदूरी करता और ऑटो चलाता है। इस दौरान ओल्ड फरीदाबाद के लेबर चौक पर मजदूरों ने इमरान की फोटो देखकर उसे पहचान लिया। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने टीम लगाई और रविवार सुबह 8 बजे ओल्ड फरीदाबाद लेबर चौक से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वह सड़क किनारे जहां जगह मिलती वहीं सो जाता था।
लेबर चौक पर हुआ था जीजा साले में झगड़ा
पूछताछ के दौरान इमरान ने पुलिस को बताया कि 5 अक्तूबर की सुबह वह काम की तलाश में लेबर चौक पर गया था। थोड़ी देर बाद उसका जीजा लियाकत भी वहां आ गया और झगड़ा करने लगा, जोकि मारपीट में बदल गई थी। इसके बाद इमरान वापस अपनी बहन के घर आकर सो गया। शाम को वह घर से काम के लिए जाने का कहकर निकल गया था। रास्ते में मणी की टाल के पास उसे जीजा लियाकत मिल गया और दोनों में दोबारा झगड़ा होने लगा। इमरान अपने जीजा को घसीटकर शमशान घाट के पास खाली मैदान में ले गया और उसके सिर में ईट से कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लियाकत की हत्या के बाद इमरान वहां से फरार हो गया था। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड लिया और वारदात के दौरान पहने उसके कपड़े बरामद किए। सोमवार को रिमांड समाप्त होने पर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।