कैट्स एंबुलेंस का सर्वर डाउन
बीते दिनों कैट्स एंबुलेंस के सर्वर डाउन के कारण मोटर साइकिल चालक को ट्रामा सेंटर पहुंचाने में देरी हुई थी। इसे लेकर एम्स के नर्सिंग स्टाफ ने सवाल भी उठाया था। उन्होंने बताया था कि करीब 20 मिनट तक कैट्स एंबुलेंस को फोन करते रहे, उसके बाद भी फोन नहीं लगा। बाद में पीसीआर की मदद लेनी पड़ी, उसके बाद ही मरीज को अस्पताल पहुंचा पाए।
12 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने एक ट्वीट कर जानकारी दी कि सेंट्रल जोन की पीसीआर टीम ने महिला को अस्पताल पहुंचाया था। घर पर प्रसव के दौरान शिशु के अटकने के कारण महिला की हालत नाजुक हो गई थी। पुलिस को सूचना मिलते ही पीसीआर की टीम मौके पर पहुंची और महिला को अस्पताल लेकर गई। पुलिस की मानें तो मां और बच्चा दोनों ठीक हैं। वहीं आसपास के लोगों की मानें तो पहले एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल किया, जब बात नहीं हुई तो पुलिस की मदद लेनी पड़ी।
बजट में 194 करोड़ रुपये की व्यवस्था
अत्याधुनिक एंबुलेंस खरीदने के लिए दिल्ली सरकार ने बजट में 194 करोड़ की व्यवस्था की है। इसमें एडवांस लाइफ सपोर्ट व बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस शामिल होंगी। विभाग की मानें तो दिल्ली कैट्स एंबुलेंस सेवा के बेड़े में साल 2014 में 155 एंबुलेंस थीं। मौजूदा समय में इनकी संख्या बढ़कर 380 हो गई है। सरकार का दावा है कि दस वर्षों में जरूरतमंदों की मदद के लिए एंबुलेंस के पहुंचने का समय 55 मिनट से घटकर महज 15 मिनट रह गया है।