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कमाल का जुगाड़: सरकारी स्कूल के बच्चों ने कबाड़ से तैयार किया टायर फर्नीचर, पौधें भी इनमें लगाएं, जानें अनोखी कारीगरी

Thu, 31 Mar 2022 11:17 PM IST
आकाश दुबे रश्मि शर्मा, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के नेताजी नगर स्थित सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के ग्यारवीं के आठ बच्चों के एक ग्रुप ने स्टार्टअप के तहत टायर फर्नीचर तैयार किया है। यह फर्नीचर देखने में भी अलग और सस्ते हैं। घर को सजाने के लिए टायर में पौधे भी लगाए जा सकते हैं। यह स्टार्टअप दिल्ली सरकार के बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम के दूसरे राउंड तक पहुंचा है।
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बच्चों ने तैयार किया टायर फर्नीचर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कार, बस, स्कूटर का बेकार टायर किस तरह से उपयोगी फर्नीचर व पौधे लगाने के लिए इस्तेमाल हो सकता है। दिल्ली के सरकारी स्कूल के आठ बच्चों की टीम ने स्टार्टअप के तहत ऐसा करके दिखाया है। जिसमें उन्होंने एक फर्नीचर तैयार किया है। कबाड़ से जुगाड़ कर तैयार किया यह टायर फर्नीचर गार्डन, स्कूल परिसर, छत में उपयोगी साबित हो सका है। बच्चों का यह स्टार्टअप दिल्ली सरकार के बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम के दूसरे राउंड तक पहुंचा। दूसरे राउंड में एक हजार प्रोजेक्ट में इस स्टार्टअप ने जगह बनाई।

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नेताजी नगर स्थित सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के ग्यारवीं के बच्चों के आठ बच्चों के एक ग्रुप ने यह टायर फर्नीचर तैयार किया है। टीम के लीडर अर्जुन शर्मा के मुताबिक जब उन्हें स्टार्टअप तैयार करने के लिए कहा गया तब उनके दिमाग में टायर आए। तब उन्होंने सोचा कि टायर बेकार हो जाने के बाद उसका इस्तेमाल नहीं हो पाता। ऐेसे में सोचा गया कि इसका इस्तेमाल घर-बाहर बैठने के लिए किया जाए। तब टायर से फर्नीचर बनाने का ख्याल आया।


टीम ने इसके लिए स्कूल के शिक्षकों के पास बेकार पड़े टायर का इस्तेमाल किया। टायरों को आपस में जोड़ कर उन्हें अलग रंग रुप दिया गया। उसमें एक बड़ा शीशा लगाकर टेबल तैयार की गई जबकि टायरों के बीच नायलॉन की रस्सी से बुनाई की गई। इससे टायर पर बैठने की जगह बन गई। टायर में पौधे लगाने के लिए एक अलग पीस तैयार किया गया। अब टीम इस फर्नीचर को और बेहतर तरीके से तैयार करने का प्रयास कर रही है।
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बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम के दूसरे राउंड तक पहुंचा स्टार्टअप

स्कूल में आन्त्रप्रेन्योर माइंडसेट करिकुलम(ईएमसी) कोर्डिनेटर नीतू ने बताया कि शुरूआत में तो इस स्टार्टअप पर समय लगा लेकिन बाद में बच्चों ने इसे आसानी से पूरा कर लिया। बच्चों को टायर को काटने उसमें छेद करने में दिक्कत आई। इस स्टार्टअप ने बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम के तहत पहले राउंड में 51 हजार टीमों में फिर दूसरे राउंड में एक हजार टीमों में भी जगह बनाई। टीम को अगले राउंड में नहीं पहुंचने का मलाल है। अब यह फर्नीचर स्कूल में उपयोगी बन रहा है।
 

सस्ता होने के साथ-साथ हल्का भी

यह फर्नीचर सस्ता होने केसाथ-साथ हल्का भी है। इसे घर में कहीं भी आसानी से उठाकर ले जाया जा सकता है। बच्चों की टीम का कहना है कि इसका ज्यादा उपयोग छत, बालकनी, गार्डन व खुले परिसर में किया जा सकता है। इसकेसाथ ही यह देखने में भी आकर्षक लगता है। 

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