मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम इंदिरापुरम में बने कैलाश मानसरोवर भवन का उद्घाटन कर देश के करोड़ों श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात दी। धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा इस भव्य भवन को 70 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया। खास यह है कि देशभर से कैलाश मानसरोवर यात्रा और चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को यहां फाइव स्टार की सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर 280 लोगों के रुकने की व्यवस्था है।
चार फ्लोर के भव्य मानसरोवर भवन में 280 लोगों के रुकने की सुविधा दी गई है। उनके लिए चार बेड वाले 46 कमरे और डबल बेड वाले 48 कमरों का निर्माण किया गया है। बेसमेंट में 85 गाड़ियों के खड़े करने की सुविधा है। उनके साथ अंडरग्राउंड टैंक, पंप रूम, रैंप-1 और फैन रूम 2, स्टिल्ट फ्लोर पर 103 गाड़ियां खड़ी होंगी, जबकि रिसेप्शन, लॉबी, किचन, डाइनिंग रूम, आईटीबीपी रूम, एडमिन ऑफिस, अकाउंट ऑफिस, मेडिकल रूम, सेमिनार हॉल और स्टोर रूम बनाए गए हैं। जबकि पहले फ्लोर पर चार सीटर के 18 कमरे, दो सीटर के चार, दूसरे फ्लोर पर चार सीटर वाले 20 कमरे और दो सीटर के चार व एक कैफे बना है।
तीसरे फ्लोर पर चार सीटर के दो और दो सीटर के 20 कमरे, चौथेफ्लोर पर भी चार सीटर के चार कमरे और दो सीटर के 20 कमरों के अलावा एक मेडिटेशन के लिए भी जगह निर्धारित की है। किचन में गैस सिलेंडर, चूल्हा, बर्तन और कमरों के लिए बेड, टीवी, चादर, तकिए के अलावा तमाम चीजों की भी सुविधा दी गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री के आगमन से पहले मानसरोवर भवन में सैनिटाइजेशन और साफ-सफाई व अन्य तरह की व्यवस्थाएं की गईं।
2018 में जनरल वीके सिंह ने किया था शिलान्यास
31 अगस्त 2017 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ही कविनगर के रामलीला मैदान में जनसभा में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन बनवाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन, नगर निगम और जीडीए अधिकारी जमीन की तलाश में जुट गए। पहले मानसरोवर भवन के निर्माण कार्य के लिए अर्थला में दशमेश वाटिका में जमीन ली गई थी, लेकिन डूब क्षेत्र और तमाम विवादों को ध्यान में रखते हुए दूसरी जगह जमीन लेने का सिलसिला शुरू हुआ था। 2018 में सांसद जनरल वीके सिंह द्वारा मानसरोवर भवन का इंदिरापुरम के शक्तिखंड में 14869 वर्ग मीटर जमीन पर विधिविधान से शिलान्यास किया गया था। छह जून, 2018 को निर्माण कार्य शुरू हुआ था।