करोड़ों रुपये के स्टॉक गुरु मामले में मुख्य आरोपी उल्लास प्रभाकर से रिश्वत लेने के आरोपी आयकर अधिकारी को अदालत से जमानत मिल गई है। तत्कालीन आयकर अधिकारी पर जांच में स्टॉक गुरु का पक्ष लेने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है।
विशेष सीबीआई जज जीपी सिंह ने तत्कालीन आयकर सहायक आयुक्त योगेंद्र मित्तल को एक लाख रुपये के निजी मुचलके व इतनी ही राशि के एक जमानती की शर्त पर जमानत दे दी। अदालत ने आयकर अधिकारी के खिलाफ जानकारी मिलने में 20 महीने की देरी के आधार पर जमानत दे दी।
अदालत ने कहा कि ऐसी कोई संभावना है कि वह जांच को प्रभावित करेगा। याचिका पर बहस के दौरान मित्तल के अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने कहा कि उल्लास प्रभाकर का इकबालिया बयान कानून में मान्य नहीं है। उसके मुवक्किल के खिलाफ सुनी सुनाई बातों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। उसके कब्जे या उसकी निशानदेही पर किसी अन्य शख्स से कोई नकदी बरामद नहीं हुई।
सीबीआई के मुताबिक योगेंद्र मित्तल के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की शिकायत पर नौ जनवरी 2013 को मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मित्तल पर स्टॉक गुरु से घूस लेने का आरोप लगाया था।
स्टॉक गुरु मामले की जांच के दौरान उल्लास प्रभाकर ने बताया कि उसके घर व दफ्तर पर 18-19 जनवरी 2011 को छापेमारी में मिली नकदी में उसके कहने पर हेराफेरी की थी। इसके लिए उसने मित्तल को रिश्वत की पेशकश की थी।