31 अगस्त 2012 को बिहार के लोगों को घुसपैठिया बताकर मुंबई से खदेड़ने वाले बयान पर राज ठाकरे के खिलाफ दिल्ली पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है। जल्द ही चार्जशीट पेश कर दी जाएगी।
इस मामले में अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 15 जनवरी को अदालत ने पुलिस से राज ठाकरे को गिरफ्तार न करने और जांच की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की थी।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को महानगर दंडाधिकारी पवन सिंह राजावत के समक्ष एफआईआर के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश की। पुलिस ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है। राज ठाकरे को गिरफ्तार किए बिना ही उनके खिलाफ चार्जशीट जल्द पेश कर दी जाएगी। उन पर मुकदमा चलाने के लिए सीआरपीसी की धारा 196 के तहत अभी महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति लेना शेष है।
बता दें कि आजाद मैदान हिंसा के बाद मुंबई पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना बिहार से एक युवक को गिरफ्तार किया था। इस पर बिहार सरकार ने मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर भविष्य में ऐसा होने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।
इस पर कड़ा एतराज जताते हुए राज ठाकरे ने आजाद मैदान से कहा था कि अगर मुंबई के किसी भी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हुई तो बिहार के लोगों को घुसपैठिया घोषित कर मुंबई से खदेड़ देंगे। अधिवक्ता प्रेम शंकर शर्मा ने राज ठाकरे पर क्षेत्र व भाषा के आधार पर वैमनस्य व भेदभाव फैलाने, भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
याचिका पर सुनवाई के बाद तत्कालीन महानगर दंडाधिकारी नीरज गौड़ ने राज ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच का आदेश पुलिस को दिया था।