दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की घोषणा होने के साथ ही अब प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए नेताओं ने जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है।
भाजपा नेता नए प्रदेश अध्यक्ष की टीम में शामिल होने के लिए प्रयास करने लगे हैं। कोई संघ से नजदीकी बढ़ा रहा है तो कोई केंद्रीय मंत्री से पैरवी कराने में जुटा है।
वहीं, पुरानी कार्यकारिणी सदस्य भी अपनी कुर्सी बचाने के हर हथकंडे अपना रहे हैं।
नए अध्यक्ष ने दिए साफ संकेत
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने अभी पदभार ग्रहण भी नहीं किया है, उनकी टीम का हिस्सा बनने को पार्टी नेताओं में दौड़ शुरू हो गई है।
प्रदेश महामंत्री, उपाध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, प्रकोष्ठ पदाधिकारी समेत अन्य पदों के लिए पार्टी नेता पैरवी कराने में जुट गए हैं। कोई झंडेवालान में संघ कार्यालय का चक्कर काट रहा है और पदाधिकारियों से मिल रहा है तो कोई केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर प्रदेश संगठन में पद पाने की जुगत लगा रहा है।
नए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी संकेत दिया है कि वे अपनी टीम के साथ पारी की शुरुआत करेंगे। यानी कार्यकारिणी में फेरबदल होना तय है।
'चुनाव को ध्यान में रखकर करेंगे काम'
उपाध्याय ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि संगठन को ठीक करने के लिए जो भी करना होगा, करेंगे। बदलाव करने की जरूरत होगी तो उसमें भी पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर मजबूत टीम का गठन करना है। टीम ऐसी होगी, जिसमें युवा और अनुभव का समन्वय होगा।
सभी वर्ग के लोगों को समान प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष का पद अधिकारिक तौर पर संभालेंगे।