फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: एआई की मदद से बनेगा लजीज खाना, पोषकता का चलेगा पता; एप किया गया तैयार

Fri, 12 May 2023 09:22 AM IST
विजय पुंडीर आशीष सिंह, नई दिल्ली

सार

उन्होंने मेकिंग फूड कंप्यूटेबल नाम से एक ऐसा एप विकसित किया है, जिसमें एआई की मदद से हर तरह के लजीज व्यंजनों को बनाने में सहूलियत होगी।
विज्ञापन
आईआईआईटीडी द्वारा तैयार किए गए एआई की मदद से खाना बनने का एप मेकिंग फूड कंप्यूटेबल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब खाना बनाने और पोषकता बताने में भी मददगार बनेगी। इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, दिल्ली (आईआईआईटीडी) के शोधार्थियों ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। 

विज्ञापन


उन्होंने मेकिंग फूड कंप्यूटेबल नाम से एक ऐसा एप विकसित किया है, जिसमें एआई की मदद से हर तरह के लजीज व्यंजनों को बनाने में सहूलियत होगी। वहीं, सब्जियों को स्कैन कर उसके अंदर मौजूद पोषक तत्वों की भी इससे जानकारी मिलेगी।

शोधार्थियों का कहना है कि इसके अलावा भी इस एप में बहुत से फीचर डाले गए हैं। मसलन, अगर कोई बीमार है और उसके लिए डॉक्टर ने डाइट तैयार की है तो एप से पता चलेगा कि मरीज की थाली का खाना डॉक्टर की डाइट के अनुरूप है या इसमें कोई गड़बड़ है। इसी तरह खाने के पोषक तत्व की भी इससे जानकारी मिलेगी। दरअसल, आईआईआईटी दिल्ली की ओर से दो दिवसीय वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें शोधार्थियों व स्टेक होल्डर्स के बीच चर्चा की जा रही है। इसकी थीम रिसर्च इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन शोकेस 2023 है। इसमें शोधार्थी इलेक्ट्रॉनिक वाहन (ईवी) व एआई के अपने प्रोजेक्ट प्रदर्शित कर रहे हैं। इसमें 300 से अधिक शोधार्थियों ने प्रोजेक्ट पेश किए हैं।
विज्ञापन


इस तरह काम करेगा
पोषक तत्व का पता लगाने के लिए खाने की थाली की तस्वीर एप में डालनी पड़ेगी। एआई की मदद से एप उस व्यंजन की गुणवत्ता का पता लगा लेगा। आईआईआईटी के शोधार्थी विभूति खंडूरी ने बताया कि अगर कोई व्यंजन विदेश में खाया है और उसे भारत के मसालों के साथ बनाना चाहते हैं तो यह इस एप पूरी रेसिपी भी बताएगा। स्वास्थ्य के नजरिए से यह एप मरीजों की खानपान में मदद करेगा। वहीं, किसी व्यक्ति को अपना वजन घटाना है तो किस चीज में कितना फैट है वह आगाह करेगा। 

रिसर्च पर जोर
आईआईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंजन बोस ने बताया कि संस्थान में रिसर्च पर जोर देने के साथ जो प्रोजेक्ट सफल नहीं हो पाते हैं उन्हें प्रोमोट किया जाता है। पूरे विश्व में स्टार्टअप के सफल होने की दर एकसमान है। स्टार्टअप के लिए इको सिस्टम बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्टूडेंट मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू किया गया है। नई तकनीक देश को आगे लेकर जाएगी। शोधार्थी कई नई तकनीक को लोगों के सामने ला रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें