ग्रेटर नोएडा के द्रोणाचार्य कॉलेज के पूर्व प्रबंधक और व्यापारी मनमोहन चौधरी पर शुक्रवार शाम नकाबपोश बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर उनकी जान ले ली। उनको चार गोलियां लगीं और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक दनकौर के द्रोणाचार्य डिग्री कॉलेज के पूर्व प्रबंधक और व्यापारी मनमोहन चौधरी शाम को अपने कपडे़ और जूते के शोरूम से घर लौट रहे थे। शोरूम से करीब 500 मीटर की दूरी पर वह पहुंचे तो पीछे से चार बाइकों पर आठ नकाबपोश बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
करीब 15 राउंड गोलियां चलीं। गोलियों की आवाज से बाजार थर्रा गया और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। अफरातफरी का लाभ उठाकर बदमाश भाग गए। मनमोहन को जख्मी हालत में ग्रेनो के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लोगों ने सामान तोड़कर थाने में लगाई आग
घटना के बाद दनकौर के व्यापारियों ने कोतवाली में हंगामा किया और थाने में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी।
पुलिस प्रथम दृष्टया हमले के पीछे जमीन का विवाद मान रही है। घटना के बाद से दनकौर का बाजार बंद है।
घटना के बाद दनकौर के व्यापारियों ने कोतवाली में जमकर हंगामा किया और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए थाने को आग के हवाले कर दिया। रात करीब साढे़ नौ बजे तक व्यापारी हंगामा कर रहे थे।
क्या हत्या का असली कारण?
जानकारों की मानें तो एक व्यक्ति से मनमोहन चौधरी ने करीब 40 बीघा जमीन खरीदी थी, लेकिन उस जमीन में से करीब चार बीघा जमीन पर विवाद चल रहा था।
यह भी आरोप है कि किसान ने उस चार बीघे जमीन को कई लोगों को बेच दिया था। जिससे कई लोग इस जमीन पर अपना कब्जा बता रहे थे। पुलिस का भी यही मानना है कि पूर्व प्रबंधक की इसी जमीन के सिलसिले में हत्या की गई है।
दनकौर में इन दिनों दो गिरोह काम कर रहे हैं। एक गिरोह दनकौर के गांवों के युवकों का है, जबकि दूसरा गिरोह दादरी से जुड़ा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं दो गिरोह में से किसी ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।