विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने विश्व के 91 देशों के 1600 शहरों की आबोहवा में मौजूद प्रदूषकों के आधार पर विश्लेषण कर यह खुलासा किया था कि दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है।
ऐसे में दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 की मौजूदगी सबसे ज्यादा है जिसे सबसे खतरनाक माना था डीब्ल्यूएचओ का कहना है कि इससे सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
एक तरह से कहें तो दिल्ली की हवा धीरे-धीरे जहरीली होती जा रही है। और वह दिन दूर नहीं जब लोग इस प्रदूषण का शिकार होकर जान गंवा बैठेंगे। अब सवाल ये कि आखिर ये सब हुआ कैसे? तो बीजेपी ने इसका जवाब दिया है।