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गुरु केजरीवाल के नक्शे कदम पर चल दो कदम आगे निकले कपिल मिश्रा

Mon, 15 May 2017 09:07 AM IST
राकेश भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली
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kapil mishra
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नाम के अनुसार राशि समान होने पर ज्योतिष शास्त्र का सिद्धांत माने या केजरीवाल को वर्षों तक गुरु मानकर सीखी राजनीति लेकिन यह तय है कि गुरु की शैली अपनाकर कपिल मुख्यमंत्री केजरीवाल के राजनैतिक जीवन की सबसे बड़ी मुसीबत बन गये हैं। हालांकि कई जगह वह केजरीवाल से भी दो कदम आगे निकल गए हैं। कपिल अभी रुकेंगे ऐसा नहीं लगता।  
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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 2012 में जन्म लेने वाली आम आदमी पार्टी आज उन्हीं आरोप में घिरी है, जिससे लड़ाई लडने पर जनता ने भ्रष्टाचार के खात्मे को जनलोकपाल बनाने को लेकर 2013 और 2015 में उसे दिल्ली की सत्ता दी।  
          
सत्ता में आने से पहले केजरीवाल ठीक ऐसी ही शैली में कांग्रेस व भाजपा नेताओं पर आरोप लगाकर मीडिया की सुर्खियां बन जाते थे, जैसी अब कपिल अपना रहे हैं। आज गुस्से में हुंकार भरते हुए कपिल ने गुरु रहे केजरीवाल के लिये कहा कि मैं अरविद केजरीवाल तुम्हारे कॉलर पकड़ कर कुर्सी से घसीटते हुए तिहाड़ जेल तक ले जाऊंगा, मैं कपिल मिश्रा हूं और कसम खाता हूं। 
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याद हो एक साल पहले केजरीवाल ने मुख्यमंत्री कार्यालय में सीबीआई छापे के बाद मोदी को चुनौती दी थी कि आपने दूसरों को डरा दिया होगा सीबीआई से लेकिन केजरीवाल इससे डरने वाला नहीं है। चुनाव से पहले राजनीतिक मंचों से कभी केजरीवाल शीला दीक्षित सहित कई नेताओं को जेल भेजने की बात भी इसी तरीके से करते रहे थे। 

दरअसल, कपिल को अपने गुरु से दो कदम आगे इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि वे केजरीवाल की तरह आरोप लगाने व कार्रवाई के निर्देश देने के अलावा मामलों में खुद ही मुदई बने रहे है और खुद ही गवाह भी। अन्ना आंदोलन के समय कपिल को अपने साथ जोडने वाले केजरीवाल को राजनीतिक गुरु मानने व उनके खिलाफ जाने की बात कपिल पहले ही कह चुके है। 

इसके चलते चुनौती देने, बिना सुबूत या सुबूत के साथ आरोप लगाने में, प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देने सहित कई मामलों में वे केजरीवाल को ही उनके खिलाफ फॉलो कर रहे हैं।
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कपिल मिश्रा पर आप लगा रही ये आरोप

कपिल मिश्रा - फोटो : SELF
कपिल मिश्रा पर आप भाजपा का मुखौटा होने का आरोप लगा रही है और उनके आरोपों की जांच बाकी है। इसमें सच्चाई हो या न हो लेकिन यह तय है कि कपिल की मदद कोई टीम कर जरूर रही है, चाहे वह उनके नजदीक के लोग ही क्यों न हो।

कपिल के तेवरों से यह भी साफ है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आप को खत्म करने को इनका एकमात्र एजेंडा है कि पार्टी के भ्रष्टाचार को उजागर कर उसे नुकसान पहुंचाएं। जाहिर है कि अभी पार्टी के बीच शुरू हुई जंग समाप्त नहीं होगी।    

        
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