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शौक में खुद का अपहरण: युवक ने अपहरणकर्ता बन घरवालों को किया फोन, मांगे ढाई लाख रुपये, फिर हुआ ये हाल

Sun, 03 Jul 2022 09:43 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

युवक ने स्पोर्टस बाइक के लिए दोस्त से ढाई लाख रुपये उधार लिए थे। कर्ज चुकाने में असमर्थ होने पर उसने राजस्थान जाकर खुद झूठी कॉल की। युवक ने अपनी बहन से अपहरणकर्ता बन 2.5 लाख रुपये मांगे थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली के नांगलोई इलाके में दोस्त पर ढाई लाख का कर्ज चुकाने के लिए एक युवक ने खुद के अपहरण की साजिश रच डाली। युवक दिल्ली से राजस्थान के अलवर में रहने वाले अपने दोस्त के घर चला गया और वहां से दोस्त के पिता के मोबाइल से अपहरणकर्ता बनकर अपनी बहन को फोन किया और ढाई लाख की मांग की। मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कर पुलिस राजस्थान पहुंच गई और युवक को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त समीर शर्मा ने बताया कि 26 जून को एक महिला ने नांगलोई थाने पहुंचकर अपने भाई करण के दो दिनों से गायब होने की शिकायत की। महिला की शिकायत पर उसके भाई की गुमशुदगी का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने युवक के राजेंद्र पार्क, नांगलोई स्थित घर के आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

युवक की बहन से संपर्क करने पर उसने बताया कि उसके भाई के अपहरण के संबंध में एक कॉल आई है और फोन करने वाला उसके भाई को छोड़ने के लिए ढाई लाख रुपये की मांग कर रहा है। पुलिस ने अपहरणकर्ता के नंबर की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच शुरू की। फोन लोकेशन शेखपुर राजस्थान की थी। पुलिस ने वहां दबिश देकर उस मोबाइल नंबर के मालिक अलवर निवासी सत्यवीर को पकड़ लिया।
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पूछताछ में उन्होंने बताया कि करण उनके बेटे नितेश का दोस्त है और वह उसके बेटे से मिलने दिल्ली से आया है। उन्होंने बताया कि करण उनके घर में मौजूद है। पुलिस ने करण से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अपनी बहन के साथ रहता है और बेरोजगार है। उसे स्पोर्ट्स बाइक का बहुत शौक है। उसने अपने एक दोस्त से स्पोर्ट्स बाइक खरीदने के लिए ढाई लाख रुपये उधार लिए थे। अब उसका दोस्त उधार ली गई रकम चुकाने के लिए कह रहा था, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। इसलिए उसने राजस्थान में अपने दोस्त के घर जाने की योजना बनाई और अपने दोस्त के पिता का फोन लेकर खुद अपहरणकर्ता बनकर ढाई लाख रुपयों की डिमांड की।
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