मेट्रो यात्रियों को अंतिम छोर तक पहुंचाने की सुविधा मुहैया करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के बेड़े में अगले महीने तक करीब 50 और नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इससे यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों से गंतव्य तक पहुंचने के लिए किसी दूसरे परिवहन साधन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल चार मार्गों पर डीएमआरसी की ओर से 56 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। इसके तहत नौ मेट्रो स्टेशनों से यात्रियों को ई-बस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
डीएमआरसी ने अगस्त 2021 में 25 बसों के साथ अंतिम छोर तक के लिए परिवहन सुविधा मुहैया करने की दिशा में पहल की थी। इसके बाद और बसें शामिल की गईं। फिर 25 और नई बसें परिवहन बेड़े में शामिल हुईं। फरवरी 2022 में पांच नई बसें सड़कों पर उतारी गईं। दिल्ली मेट्रो के मुताबिक, बसों के पहुंचने का सिलसिला जारी है और अगस्त तक शेष करीब 50 बसें चलाई जाएंगी। मेट्रो ने चरणों में 100 इलेक्ट्रिक फीडर बसें चलाने का फैसला लिया था।
विश्वविद्यालय से चल रही हैं पांच बसें
फरवरी में विश्वविद्यालय से शंकरपुरा, बुराड़ी के लिए पांच बसें चलाई गई। इसके तहत 10.15 किलोमीटर के दायरे में बसें खालसा कॉलेज, जीटीबी नगर, हकीकत नगर, बीबीएम डिपो, मुखर्जी नगर, इंद्रा विकास कालोनी, निरंकारी कालोनी, झड़ौदा डेयरी, संत नगर, तोमर कॉलोनी से होती हुई शंकरपुरा तक यात्रियों के लिए उपलब्ध करवाई गई हैं।
यात्रियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव
पिछले साल तीन रूट पर ई-बसों का संचालन शुरू किया। इसके तहत कश्मीरी गेट से हर्ष विहार, शास्त्री पार्क से मयूर विहार, फेज-3 और मयूर विहार फेज-3 से हर्ष विहार के बीच बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें यात्रियों की संख्या फिलहाल डीटीसी या क्लस्टर बसों की तुलना में कम है। डीएमआरसी की कोशिश अगले कुछ महीनों में यात्रियों की संख्या बढ़ाने की है।