मानसिक रूप से कमजोर किशोरी से दुष्कर्म मामले में आरोपी को विशेष पोक्सो अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश इला रावत ने रोहिणी निवासी मनोज को पोक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
पीड़िता के बयान पर भरोसा जताते हुए अदालत ने कहा पीड़िता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो महज इसलिए उसके बयान को खारिज कर फेंका नहीं जा सकता। पीड़िता के बयान की मेडिकल रिपोर्ट व अन्य गवाहों ने पुष्टि की है।
अदालत ने किशोरी के पुनर्वास आदि के लिए दो लाख रुपये का मुआवजा दिलाने का निर्देश उत्तर पश्चिम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है। अभियोजन के मुताबिक पीड़िता के माता-पिता की मौत हो चुकी है और वह अपनी बड़ी बहन व उसके परिवार के साथ रहती है। वह 14 मई 2013 को घर पर अपने छह साल की भांजी के साथ घर पर अकेली थी। उसे अकेला पाकर मनोज घर में घुसा और उससे दुष्कर्म किया।