इस साल एक सीनियर आईएएस अधिकारी के अचानक लापता होने का मामला भी सुर्खियों में रहा। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की मंत्री रेखा आर्य ने एसएसपी देहरादून को पत्र लिखकर विभाग के निदेशक वी षणमुगम के अपहरण की आशंका जताई थी। मंत्री ने आईएएस अधिकारी के अचानक गायब होने को लेकर जांच के आदेश दिए थे। मंत्री का यह भी कहना था कि या तो उनका अपहरण हो गया या वह भूमिगत हो गए। जबकि तत्कालीन मुख्य सचिव ओम प्रकाश का कहना था कि वह क्वारंटीन हैं।
33 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय बढ़ोतरी के रूप में बड़ी सौगात
प्रदेश में 33 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय बढ़ोतरी के रूप में इस साल बड़ी सौगात मिली है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 1800 रुपये एवं मिनी और सहायिकाओं का 1500 रुपये बढ़ा मानदेय बढ़ा है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कोरोनो प्रोत्साहन राशि के रूप में छह करोड़ से अधिक की धनराशि दी गई।
तीलू रौतेली पुरस्कार पर उठे सवाल
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 22 महिलाओं के नामों की सूची जारी की गई। जिन लोगों को पुरस्कार मिले उनमें कई भाजपा नेताओं के रिश्तेदार थे। कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल की बेटी का नाम भी पुरस्कार की लिस्ट में शामिल था। इससे पुरस्कार के चयन को लेकर चयन समिति सवालों के घेरे में आ गई थी।