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बहुगुणा फॉर्मूला बढ़ाएगा सीएम रावत की मुश्किलें

Fri, 01 Aug 2014 09:12 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री हरीश रावत भले ही मंत्रिमंडल में किसी फेरबदल की गुंजाइश न होने की बात कह रहे हों।
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पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पीडीएफ मंत्रियों की संख्या कम कर कांग्रेस के मंत्री बनाने की मांग रखी है। बहुगुणा अपने समर्थक मंत्री प्रीतम सिंह को लेकर मांगों के साथ बुधवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिले।

प्रदेश कांग्रेस के दो ध्रुवों का मिलन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। लंबे अर्से बाद दोनों नेता मिले थे। बताते हैं बहुगुणा सीएम से मिलने से पहले अपने समर्थकों के साथ अपने आवास पर बैठे और एजेंडा तय हुआ।
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बहुगुणा ने सीएम से मोटे तौर पर तीन मांगे रखी हैं। बहुगुणा चाहते हैं कि अब जब कांग्रेस मजबूत है तो सरकार में शामिल पांच सहयोगी पीडीएफ मंत्रियों की संख्या में कटौती की जाए।

ताकि कांग्रेस केवरिष्ठ विधायकों को शामिल किया जाए। बहुगुणा ने सीएम से सरकार में संतुलन बैठाने की भी बात कही है। उन्होंने कहा है कि सबको विश्वास में लेकर ही चलें।
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सबको विश्वास में लेकर बनेगी कार्यकारिणी

बहुगुणा ने प्रदेश संगठन में होने वाले बदलाव को लेकर भी स्पष्ट किया है कि नई कार्यकारिणी सबसे बात और विश्वास में लेकर ही बने।

सुबह विजय बहुगुणा के आवास पर मंत्री हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह के अलावा विधायक सुबोध उनियाल, नवप्रभात, विक्रम नेगी, राजकुमार, उमेश शर्मा काऊ की बैठक हुई।

विजयपाल सहवाण देहरादून से बाहर होने की वजह से नहीं पहुंचे। शैलेंद्र मोहन सिंघल भी बैठक में नहीं थे। बैठक में एजेंडा तय होने के बाद बहुगुणा सिर्फ प्रीतम सिंह को लेकर ही सीएम के पास पहुंचे।

ताकि कहीं भी यह मैसेज न जाए कि पार्टी में फिर से गुटबाजी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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फेरबदल का फॉर्मूला बढ़ाएगा मुश्किलें

पीडीएफ मंत्रियों की जगह कांग्रेस विधायकों को सरकार में शामिल करने का बहुगुणा फॉर्मूला हरीश रावत की मुश्किलें बढ़ा सकता है। दरअसल बहुगुणा अपने समर्थक विधायकों को एडजेस्ट कराना चाहते हैं।

उनमें सुबोध उनियाल, नवप्रभात, शैलेंद्र मोहन सिंघल का नाम प्रमुख है। जबकि महाराज खेमे के राजेंद्र सिंह भंडारी के अलावा पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट भी जगह खाली होने पर दबाव बनाएंगे।

बदली परिस्थितियों और मजबूती में मुख्यमंत्री के लिए सबसे बड़ी मजबूरी अपने विधायकों को एडजेस्ट करने की है। जिस मयूख महर के लिए सीएम विजय बहुगुणा से लड़कर सीमांत से मंत्री बनाने का दबाव बनाते थे ऐसे में उन्हें भी एडजेस्ट करना होगा।

मार्गदर्शन देने आए थे दिया है। वरिष्ठ नेता हैं। आपदा विकास जैसे तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। मुझ पर कोई दबाव नहीं है। मंत्रिमंडल में फेरबदल पर सीएम बोले, अभी तो तमाम लोगों से बात करनी है।
- हरीश रावत, मुख्यमंत्री

सरकार और संगठन में सभी को उचित प्रतिनिधत्व मिलना चाहिए। संगठन में विस्तार के दौरान इस बात भी ध्यान रखा जाए। कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्रियों का जगह मिलनी चाहिए लेकिन उचित समय पर। मैं अपने लिए राज्यसभा या अन्य मुद्दे को लेकर मिलने नहीं पहुंचा था।
- विजय बहगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री
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