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टिहरी में बादल फटा, पांच जिंदगियां जिंदा दफन

Fri, 01 Aug 2014 08:08 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के टिहरी के घनसाली में सेमल्थ गांव के ऊपर रात करीब सवा दो बजे बादल फटने से जखन्याली ग्राम पंचायत के नौताड़ तोक में पांच लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए। एक व्यक्ति लापता और एक घायल है।
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घायल को जौलीग्रांट देहरादून रैफर किया गया है। मलबे में 15 पशुओं की भी मौत हुई है। पांच हेक्टेयर कृषि भूमि तबाह हो गई है जबकि चार दुकानों सहित 12 आवासीय मकान भी जमींदोज हो गए।

बुधवार रात अचानक सेमल्थ गांव के ऊपर बादल फटा और जखन्याली गदेरे में बाढ़ आ गई। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले बाढ़ के साथ आया मलबा और पत्थर घरों के भीतर घुस गया।
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जो घरों में फंसे वो नहीं बचे

अफरा-तफरी में कुछ लोग घर से बाहर निकल कर भाग गए, लेकिन जो अंदर फंसे रहे गए वह काल के मुंह में समा गए। इस हादसे में घायल विनोद नौटियाल (45) पुत्र गणपति प्रसाद को ग्रामीणों ने किसी तरह मलबे से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया।

विनोद के गर्दन से नीचे का शरीर कुछ काम नहीं कर पा रहा है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जौलीग्रांट रैफर किया गया है। इस हादसे में छह मोटर साइकिल और एक यूटिलिटी जीप भी बह गई।

दूसरी ओर हिंदाव पट्टी के महर गांव के ऊपर भी बादल फटने से ग्राम पंचायत कोट, घणात, महर गांव के रास्ते, पैदल पुलिया, घराट, पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई और कई नाली भूमि तबाह हो गई।

हादसे ने न‌िगल ली ये ज‌िंदग‌ियां

जखन्याली हादसे में विनोद प्रसाद की पत्नी कमलेश देवी (38), पुत्री देवू (8) और रीतिका (14) सहित और लज्जू देवी (60) पत्नी सुंदर लाल, मगनी देवी(62) पत्नी जितेश्वर प्रसाद की मौत हो गई। वहीं राजेश नौटियाल (35) पुत्र सुंदर लाल का पता नहीं चल पाया है।
 
इन लोगों के बहे मकान-दुकान
विनोद नौटियाल, राजेश नौटियाल, दर्शन देव नौटियाल, मुकेश नौटियाल, सुंदरलाल नौटियाल, प्यारे लाल नौटियाल, ज्योत प्रसाद, कन्हैयालाल नौटियाल के मकान, देवेश्वर नौटियाल की चक्की और मकान बह गए। श्रीदत्त नौटियाल, देवी प्रसाद और शकुंतला देवी की भी दुकान-मकान बहे। भानू प्रसाद का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है।
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प्रभावितों की मदद के लिए बढ़े हाथ

बादल फटने की सूचना मिलने के पौने दो घंटे बाद ही तहसील प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था। इसके साथ ही शांतिकुंज हरिद्वार, संत निरंकारी मिशन और आरएसएस के स्वयंसेवी भी राहत सामग्री के साथ गांव पहुंचे हैं।

प्रभावित परिवारों को गांव में ही रिश्तेदारों के घरों में शिफ्ट किया गया है। जिला प्रशासन ने टेंट, बर्तन और रसद बांटी है।
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