अग्निपथ योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ : माहरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने मोदी सरकार की अग्निपथ योजना को देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सेना की गरिमा, परंपरा, अनुशासन की परिपाटी ही नहीं, देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान भटके नहीं और सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में माहरा ने कहा कि देश की सीमा पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन और नेपाल से लगी है। ऐसे फैसले लेकर सरकार देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने आठ सालों के कार्यकाल में जो भी फैसले लिए, उनका खामियाजा देश की आम जनता को भुगतना पड़ा है। नोटबंदी, जीएसटी, कृषि कानून जैसे फैसले इसमें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले परिणति बिहार, हरियाणा, दिल्ली और यूपी के साथ उत्तराखंड में भी विरोध देखने को मिल रहा है। पत्रकार वार्ता में मथुरादत्त जोशी, विजय सारस्वत, राजीव महर्षि, सूर्यकांत धस्माना, सुम्मितर भुल्लर, गरिमा दसौनी, नवीन जोशी, गोदावरी थापली, दीप बोहरा, उर्मिला थापा आदि उपस्थित थे।
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विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
प्रदेश की पांचवीं विधानसभा का ग्रीष्मकालीन सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। चार दिन में चले सत्र में सदन की कार्यवाही 22 घंटे 43 मिनट चली। इस दौरान चार विधेयक पारित हुए। 573 प्रश्न आए, जिनमें से 17 अस्वीकार हुए और तीन विचाराधीन रखे गए। विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद मीडिया से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र के संचालन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा का चार दिवसीय बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है। उन्होंने विपक्ष और पक्ष के सभी सदस्यों को सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश हित और जनहित के अनेक विषयों पर सदन में दोनों दलों ने शांति पूर्वक गंभीर चिंतन-मनन किया। सत्र के दौरान विधान सभा को 573 प्रश्न प्राप्त हुए, जिसमें 14 अल्पसूचित प्रश्न में चार उत्तरित हुए। 190 तारांकित प्रश्न में 61 उत्तरित, 339 आताराकिंत प्रश्न में 165 उत्तरित हुए। कुल 17 प्रश्न अस्वीकार हुए और तीन विचाराधीन रखे गए। सभी नौ याचिकाएं स्वीकृत की गईं। नियम 300 में प्राप्त 76 सूचनाओं में से 21 सूचनाएं स्वीकृत हुई। 26 सूचनाएं ध्यानाकर्षण के लिए रखी गई। नियम-53 में 54 सूचनाओं में छह स्वीकृत हुई और 20 ध्यानाकर्षण के लिए रखी गई। नियम-58 में प्राप्त 32 सूचनाओं में 14 को स्वीकृत किया गया। नियम-310 में चार सूचना प्राप्त हुई, जो कि नियम-58 में परिवर्तित की गई।