बारिश और बर्फबारी के चलते गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे पर बर्फबारी के बाद पाला जमने से पुलिस प्रशासन ने दो दिनों के लिए हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। बृहस्पतिवार देर शाम पुलिस ने चोपता से आगे फंसे पांच लोगों को रेस्क्यू कर गोपेश्वर पहुंचाया।
बर्फबारी से गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे पर कांचुलाखर्क से आगे सड़क पर करीब एक फीट बर्फ जम गई है। बर्फ पर पाला जमने से यहां वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। बर्फ में वाहन रपट रहे हैं। पुलिस के अनुसार पांच दिसंबर को ब्रह्मसैण चमोली निवासी राजकुमार अपने परिवार के साथ चोपता की ओर गए थे। उनका वाहन बर्फ में रपट कर सड़क किनारे अटक गया था। बाद में पुलिस की मदद से कार सवार पांच लोगों को रेस्क्यू कर गोपेश्वर पहुंचाया गया।
इस मार्ग पर जगह-जगह बर्फ पड़ी हुई है, बर्फ के ऊपर पाला जमने से उसमें काफी फिसलन हो गई है, जिससे मार्ग पर आवाजाही बंद है। पुलिस ने सभी से सावधानी से यात्रा करने की अपील की है। इधर, थाना गोपेश्वर के थानाध्यक्ष आरएस रौतेला ने बताया कि आगामी दो दिनों तक के लिए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है। पर्यटक चाहें तो कम दूरी तक पैदल आवाजाही कर सकते हैं।
केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य में लगे मजदूर गौरीकुंड लौटे
केदारनाथ में भारी बर्फबारी के बीच कार्यदायी संस्थाओं के सभी मजदूर गौरीकुंड, सोनप्रयाग लौट आए हैं। धाम में अब पुलिस टीम व कुछ साधु-संत मौजूद हैं। बीते मंगलवार व बुधवार को दिनभर बर्फबारी से केदारनाथ में तीन फीट से अधिक बर्फ जमा हो चुकी है। बर्फ के चलते यहां पानी की लाइन भी जम गई है। साथ ही बिजली सप्लाई भी बाधित हुई है। बर्फबारी के कारण धाम में कड़ाके की ठंड से पुनर्निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो चुके हैं।
कार्यदायी संस्था डीडीएमए के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि केदारनाथ में खराब मौसम व बर्फ के चलते वहां मौजूद 35 मजदूरों को बुला लिया गया है। जबकि 50 मजदूर दस दिन पहले ही आ गए थे। उन्होंने बताया कि बर्फ पिघलने के बाद ही पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो पाएंगे। इधर, कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी डेढ़ फीट से अधिक बर्फ के चलते दुगलबिट्टा से आगे आवाजाही बंद है।