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उत्तराखंड : सरकारी नौकरियों के आवेदन का सिंगल विंडो पोर्टल फेल, फरवरी में किया था शुरू

Wed, 30 Jun 2021 01:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून

सार

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने फरवरी में एकीकृत भर्ती पोर्टल (सिंगल विंडो) लांच किया था। इस पोर्टल के माध्यम से रोजगार सृजित होने से लेकर रोजगार प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत किया गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में सरकारी नौकरियों के आवेदन का सिंगल विंडो पोर्टल फेल हो गया है। लाख जतन करने के बाद भी जब विभागों ने ऑनलाइन प्रस्ताव (अधियाचन) नहीं भेजे तो कार्मिक विभाग ने फिलहाल इसे बंद कर दिया और ऑफलाइन प्रस्ताव भेजने का रास्ता खोल दिया।

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पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने फरवरी में एकीकृत भर्ती पोर्टल (सिंगल विंडो) लांच किया था। इस पोर्टल के माध्यम से रोजगार सृजित होने से लेकर रोजगार प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत किया गया था। पोर्टल से जहां विभागों को भारी भरकम प्रस्ताव तैयार करने के झंझट से मुक्ति मिली थी तो युवाओं के लिए भी रोजगार की राह आसान हुई थी।

उम्मीदवारों को भर्ती पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करना था, जिसके बाद सरकारी क्षेत्र की किसी भी भर्ती की सूचना उन्हें एसएमएस से मिल जाती। अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि लगातार प्रशिक्षण देने के बाद भी विभागों ने ऑनलाइन प्रस्ताव नहीं भेजे हैं, जिसकी वजह से भर्तियों में देरी हो रही है।
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लिहाजा, फिलहाल भर्तियों के लिए ऑफलाइन प्रस्ताव ही भेजे जाएं। ऑनलाइन प्रक्रिया को सुधार करते हुए बाद में दोबारा शुरू किया जाएगा। मामले में पक्ष जानने के लिए अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। जब उनका पक्ष आएगा तो वह भी प्रकाशित किया जाएगा।

भर्ती करने वालीं संस्थाओं को भी जोड़ा गया था
पोर्टल के माध्यम से समस्त विभागों, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और उत्तराखंड मेडिकल बोर्ड को जोड़ा गया था। दावा किया गया था कि एकीकृत भर्ती पोर्टल में रोस्टर बनाने में समय भी कम लगेगा और त्रुटियों की आशंका भी बहुत कम रहेगी। प्रस्ताव (अधियाचन) का लगभग 90 प्रतिशत भाग पोर्टल द्वारा स्वत: ही भरा हुआ मिलता, जिससे विभागों को कम समय लगता। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने निर्देश दिए थे कि पोर्टल से भर्ती प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने के लिए टास्क फोर्स गठित कर हर माह इसकी रिपोर्ट दी जाए।

ऑनलाइन की बाध्यता खत्म, धड़ाधड़ प्रस्ताव
इधर कार्मिक विभाग ने ऑनलाइन प्रस्ताव भेजने की बाध्यता खत्म की और उधर विभागों से भर्ती संस्थाओं को धड़ाधड़ प्रस्ताव जाने शुरू हो गए हैं। हालात यह हैं कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के पास जून में ही करीब 25 प्रस्ताव (अधिचायन) आ चुके हैं।

चुनाव से पहले भर्तियों का जोर
सरकार आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भर्तियों को लेकर गंभीर नजर आ रही है। विभागों पर इस बात का दबाव है कि वह खाली पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया तत्काल शुरू कराएं। सरकार का तो यहां तक दबाव है कि दिसंबर तक भर्तियां पूरी कर ली जाएं।

पोर्टल फेल नहीं हुआ है। खाली पदों को भरने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रस्ताव आ रहे हैं। तकनीकी कारणों की वजह से कुछ विभाग प्रस्ताव नहीं भेज पाए हैं। इसलिए विभागों को कहा गया है कि वे ऑफलाइन प्रस्ताव भेजें।
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- भूपाल सिंह मनराल, सचिव, कार्मिक

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