कॉर्बेट टाइगर रिवर्ज से जल्द राजाजी टाइगर रिजर्व में दो बाघों को लाने की योजना इसी माह परवान चढ़ने वाली है। राजाजी के मोतीचूर रेंज में दो बाघों के आने से इनकी संख्या चार हो जाएगी। पार्क प्रशासन बाघों के स्वागत के लिए बेताब है। राज्य के दूसरे सबसे बड़े नेशनल पार्क राजाजी में जल्द बाघों की संख्या में इजाफा होने वाला है।
दरअसल, राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में इसी माह कॉर्बेट नेशनल पार्क से दो बाघों को लाया जाना है। जिसके लिए पार्क प्रशासन ने तैयारी ली है। कोरोना काल और उसके बाद बारिश के चलमे मोतीचूर रेंज में बाघों को शिफ्ट करने में दिक्कतें आ रही थी। रेंज अधिकारी महेंद्र गिरि गोस्वामी ने बताया नवंबर माह के अंत तक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से बाघों को शिफ्ट कर लिया जाएगा।
अभी मोतीचूर रेंज में एक बाघ और एक बाघिन हैं। संभावना है कि इस बार दो बाघिनों को लाया जाए। राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में इजाफा होने से पार्क में आने वाले सैलानियों की संख्या में भी इजाफा होगा। पार्क प्रशासन ने बाघों की शिफ्टिंग के लिए कमर कस ली है। बाघों को पार्क में लाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह है।
कॉर्बेट नेशनल पार्क का ढिकाला जोन सोमवार से पर्यटकों के लिए खुल गया है। पहले दिन 275 पर्यटक सफारी के लिए गए। विधायक ने फीता काटकर पर्यटकों के कैंटर को रवाना किया। ढिकाला में वनराज व वन्यजीवों को देख पर्यटक गदगद दिखे।
कोविड की वजह से कॉर्बेट पार्क का ढिकाला जोन एक मई से पर्यटकों के लिए बंद था, जबकि बिजरानी, ढेला, झिरना व गर्जिया जोन पर्यटकों के लिए खुला था। सोमवार से कॉर्बेट पार्क के ढिकाला में भी पर्यटन गतिविधियां शुरू हो गईं। पार्क प्रशासन के मुताबिक 15 नवंबर को ढिकाला जोन नाइट स्टे के लिए पैक रहा।
सोमवार सुबह व शाम आठ कैंटरों से पर्यटक ढिकाला में डे सफारी पर गए। विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने धनगढ़ी गेट से पर्यटकों को जंगल सफारी के लिए रवाना किया। विधायक बिष्ट ने बताया कि पर्यटन गतिविधियां शुरू होने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुल गए हैं। ढिकाला जोन खुलने से जिप्सी मालिक, चालक, गाइड, होटल व टूर ऑपरेटर कारोबारी उत्साहित हैं।
उप वन क्षेत्राधिकारी बालम सिंह बिष्ट ने बताया कि पहले दिन आठ कैंटरों से 123 और रात्रि विश्राम के लिए 41 जिप्सियों से 152 पर्यटक जंगल सफारी के लिए ढिकाला गए।