भुगतान न होने से करीब ढाई लाख स्मार्ट राशन कार्डों की छपाई लटक गई है। कंपनी ने पहले खेप में एक लाख से ज्यादा कार्ड छापकर डीएसओ कार्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं। डीएसओ कार्यालय को प्रति कार्ड 13.50 रुपये कंपनी को भुगतान करना है, लेकिन अभी तक एक भी कार्ड का भुगतान नहीं हो पाया है। इसके कारण कंपनी ने कार्डों की छपाई का काम रोक दिया है।
दरअसल, बड़े महानगरों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी स्मार्ट राशन कार्डों उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं। यह राशन कार्ड पूरी तरह से डिजिटल हैं। उत्तराखंड में एक साल पहले स्मार्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। पहले कार्डों के सुधारीकरण में देरी हुई अब भुगतान के चक्कर में कार्डों की छपाई ठप हो गई है।
कार्डों की छपाई का काम सरकार ने गुजरात इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड को दे रखा है। टेंडर के मुताबिक डीएसओ कार्यालय को कंपनी को प्रति कार्ड 13.50 रुपये का भुगतान करना है। कंपनी अभी तक डीएसओ कार्यालय को 1 लाख 34 हजार 416 कार्ड छापकर दे चुकी है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। इसके कारण कंपनी ने कार्डों की छपाई रोक दी है।
कुल तीन लाख 75 हजार कार्डों की होनी है छपाई
जिलापूर्ति कार्यालय के अनुसार कुल तीन लाख 75 हजार कार्डों की छपाई होनी है। इसमें से 206707 कार्डों का डाटा कंपनी को उपलब्ध करा दिया गया है। इसमें से 134416 कार्ड छपकर वितरित हो चुके हैं। बाकी 240584 कार्डों की छपाई अभी होनी बाकी है।
कंपनी को होना है 18 लाख 14 हजार 616 रुपये का भुगतान
कार्ड छापने वाली कंपनी का 18 लाख 14 हजार 616 रुपये का भुगतान होना है। अभी तक एक भी पैसे का भुगतान नहीं हो पाया है। इसके कारण कंपनी ने भुगतान होने पर ही छपाई का काम शुरू करने को कहा है।
कंपनी ने नई कार्डों की छपाई से पहले भुगतान की बात कही है। भुगतान के लिए शासन से अनुमोदन ले लिया गया है। भुगतान की सहमति भी मिल चुकी है। एक-दो दिन में कंपनी को भुगतान हो जाएगा। उम्मीद है कि कंपनी जल्द ही अन्य कार्डों की छपाई कर उपलब्ध कराएगा।
-जसवंत सिंह कंडारी, जिला पूर्ति अधिकारी