शनिवार को शहीद का पार्थिव शरीर आर्मी के वाहन से रुद्रप्रयाग पहुंच गया था। पार्थिव शरीर को सैनिक कैंप रुद्रप्रयाग में रखा गया गया था। यहां से रविवार की सुबह शहीद के पार्थिव शरीर को उनके गांव सांकरी लाया गया। जिसके बाद पैतृक घाट निगोमदी नदी किनारे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी चिता को छोटे भाई बासुदेव भंडारी ने मुखाग्नि दी।
उत्तराखंड: पुंछ में शहीद विक्रम सिंह नेगी का पार्थिव शरीर पहुंचा घर, भर आई हर किसी की आंख, तस्वीरें
परिजनों के नहीं थम रहे आंसू
योगंबर की याद में परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। योगंबर की मां हर समय बेटे को ही पुकार रही हैं। शोक में डूबे परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे लोगों के भी आंसू छलक रहे हैं। योगंबर के दीपावली पर घर आने की राह देख रहे माता-पिता, पत्नी, बहन, भाई सहित पूरे परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट गया है।
योगंबर की मां जानकी देवी और पत्नी कुसुम बेसुध हैं। योगंबर के पिता वीरेंद्र भंडारी के भी आंसू नहीं थम रहे हैं। पूरे सांकरी गांव में शोक का माहौल है।