पिछले सप्ताह हुए तबादलों में सरकार ने आईएएस दीपक रावत का तबादला यूपीसीएल-पिटकुल के एमडी पद पर कर दिया था। चूंकि, उन्होंने इस पद पर ज्वाइन नहीं किया था, इसलिए कई तरह की कयासबाजी चल रही थी।
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) में आखिरकार नए एमडी दीपक रावत ने कार्यभार संभाल लिया। इसके साथ ही तमाम तरह की अटकलों पर भी विराम लग गया।
विज्ञापन
दरअसल, आईएएस दीपक रावत अभी तक कुंभ मेला अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पिछले सप्ताह हुए तबादलों में सरकार ने उनका तबादला यूपीसीएल-पिटकुल के एमडी पद पर कर दिया था। चूंकि, उन्होंने इस पद पर ज्वाइन नहीं किया था, इसलिए कई तरह की कयासबाजी चल रही थी।
यह भी चर्चा थी कि दीपक रावत ज्वाइन नहीं करना चाहते। सोमवार को इस तरह की सभी चर्चाओं पर विराम लग गया। आईएएस दीपक रावत ने दोनों निगमों में एमडी और उरेडा में निदेशक के पद पर ज्वाइनिंग की। उधर, ऊर्जा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत निगमों में एमडी के पद पर आईएएस की तैनाती न करने की कोशिश में लग गए हैं। उनका कहना है कि निगमों की कार्यप्रणाली को वहीं के अधिकारी ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
विज्ञापन
अपनी कार्यशैली के लिए चर्चित हैं दीपक रावत
आईएएस अधिकारी दीपक रावत मूलरूप से मसूरी के निवासी हैं। वह अपनी खास कार्यशैली के लिए काफी चर्चाओं में रहते हैं। उनके प्रशंसकों ने दीपक रावत फैंस क्लब के नाम से फेसबुक पर पेज बनाया हुआ है। मसूरी में प्रारंभिक शिक्षा के बाद दिल्ली के हंसराज कॉलेज से उन्होंने इतिहास में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद जेएनयू से एमफिल किया। बताया जाता है कि उच्च शिक्षा के दौरान दीपक रावत की मुलाकात बिहार के होनहार छात्रों से हुई।
ये छात्र यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। उनसे प्रभावित होकर इन्होंने भी तैयारी शुरू कर दी। 2007 में दीपक रावत ने सिविल सेवा परीक्षा पास की और वह उत्तराखंड कैडर के अफसर बन गए। हरिद्वार या इससे पूर्व के कार्यकाल में अपनी कार्यशैली से वह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं।