वैसे श्रम मंत्री हरक सिंह ने कहा था कि वे सीएम से बात करने के बाद अपना पक्ष मीडिया के सामने स्पष्ट करेंगे। बृहस्पतिवार को उन्हें एक और झटका लगा जब नए बोर्ड अध्यक्ष ने बोर्ड सचिव दमयंती रावत को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस पर मंत्री ने कुछ नहीं कहा। माना जा रहा है कि इससे उनकी नाराजगी में इजाफा ही हुआ है। हरक का मोबाइल देर शाम तक भी नहीं खुला था और उनसे उनके निकटस्थ लोग ही बातचीत कर पा रहे हैं।
सीएम के साथ बहुत अच्छे माहौल में बात हुई है, लेकिन भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को लेकर बातचीत पूरी नहीं हो पाई। इस पर दो-तीन दिन में फिर से बातचीत होगी। कुछ मामलों को सीएम को अवगत करा दिया गया है। आज आखिरी कार्यदिवस भी था और जयराज 31 को रिटायर हो रहे हैं। लिहाजा पीसीसीएफ को लेकर बात करनी जरूरी थी। रंजना काला के नाम पर सहमति बन गई है। इससे ज्यादा अभी मैं कुछ नहीं कहूंगा।
-हरक सिंह, श्रम एवं वन मंत्री