उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष पद से विदाई के बाद अब श्रम मंत्री हरक सिंह रावत को एक और झटका लगा है। हरक समर्थक दमयंती रावत को सचिव पद से हटा कर उन्हें मूल विभाग में योगदान देने के आदेश दिए गए हैं। उनके स्थान पर श्रम आयुक्त को सचिव का दायित्व देने के लिए शासन से सिफारिश की गई है। बोर्ड के नए अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने इसकी पुष्टि की है।
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शासन ने 20 अक्तूबर को कर्मकार कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन किया था। पुनर्गठन की इस कवायद में अध्यक्ष पद से कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को हटा दिया गया था। उनके स्थान बोर्ड की कमान संविदा श्रम बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल को सौंपी गई थी। इस अधिसूचना में बोर्ड के सचिव पद की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव या सचिव श्रम को देने का उल्लेख था।
इस पद पर दमयंती रावत काबिज थी। अधिसूचना से साफ हो गया था कि शासन ने हरक सिंह के साथ दमयंती रावत को भी उनके दायित्व से मुक्त कर दिया है। लेकिन अगले ही दिन बोर्ड के सचिव पद पर किसी भी तरह के बदलाव न करने को लेकर शासन स्तर पर संशोधित अधिसूचना जारी की गई। इसे लिपकीय त्रुटि बताया गया था, लेकिन बृहस्पतिवार को दमयंती की भी बोर्ड से छुट्टी कर दी गई। बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
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2017 से प्रतिनियुक्ति पर थी दमयंती रावत
प्रांतीय शिक्षा सेवा की उप शिक्षा निदेशक दमयंती रावत 27 दिसंबर 2017 से बोर्ड में कार्याधिकारी के पद पर प्रतिनियुक्ति पर थीं। वह कामचलाऊ तौर पर बोर्ड के सचिव पद का दायित्व निभा रही थीं। बोर्ड अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल के आदेश के मुताबिक दमयंती रावत को 20 अक्तूबर के बोर्ड के पुनर्गठन की अधिसूचना के क्रम में सचिव पद से हटाया गया है। आदेश में कहा गया है कि दमयंती रावत को बोर्ड के कार्याधिकारी (कामचलाऊ सचिव) के पद से मुक्त किया जाता है। उन्हें निर्देश दिए कि वह अपने मूल विभाग में योगदान दें।
अध्यक्ष : तीन साल के लिए शमशेर सिंह सत्याल। सचिव : पहले प्रमुख सचिव, सचिव श्रम विभाग को यह पद दिया गया था। बृहस्पतिवार को श्रम सचिव ने बताया कि इस पद पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। दमयंती इस पद पर बनी रहेंगी। सदस्य : केंद्र सरकार की ओर से नामित।