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महंगे सैर-सपाटे के लिए हो जाइए तैयार: चारधाम यात्रा पर भी महंगाई की मार, पढ़ें अब बुकिंग के लिए कितनी होगी जेब ढीली

Sun, 13 Mar 2022 09:46 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

महंगाई की मार के लिए तैयार हो जाएं, क्योंकि पर्वतीय क्षेत्रों में घूमने और तीर्थयात्रा पर आने के इच्छुक लोगों को अब जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। पिछले दो साल से तेल कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के चलते चारधाम यात्रा कराने वाली ट्रैवल एजेंसी संचालकों के साथ उत्तराखंड परिवहन महासंघ से जुड़ी बसों के संचालकों ने किराये में बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह खबर कतई राहत देने वाली नहीं है। कारण कि पिछले दो साल से तेल कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते चारधाम यात्रा कराने वाली ट्रैवल एजेंसी संचालकों के साथ उत्तराखंड परिवहन महासंघ से जुड़ी बसों के संचालकों ने किराए में बढोतरी का फैसला लिया है। रिजर्व इनोवा जैसी सात सीटर वाहनों से चारधाम यात्रा करने के लिए 50-55 हजार की जगह अब तीर्थयात्रियों को एकमुश्त 60 हजार रुपये देने होंगे।

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दून ट्रैवल ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मानेें तो चार सीटर गाड़ियों की बुकिंग के लिए यात्रियों को 32 हजार की जगह अब 38 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे। किराए में बढ़ोतरी के इस फैसले के बाद देश के तमाम राज्यों से चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को अब पहले की तुलना में और अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी।

बसों से चारधाम यात्रा करना भी महंगा 
दून ट्रेवल्स आनर्स  एसोसिएशन के प्रधान योगेश अग्रवाल का कहना है कि साल 2019 के बाद राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। जबकि तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और पिछले दो साल से के भीतर डीजल की कीमतें 72 प्रति लीटर से बढ़कर 87 प्रति लीटर तक पहुंच गई है ऐसे में चारधाम यात्रा पर जाने वाली गाड़ियों के किराए में बढ़ोतरी करना उनकी मजबूरी बन गया है।
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उत्तराखंड परिवहन महासंघ से जुड़ी नौ एसोसिशनों ने भी किराए में बढ़ोतरी का फैसला किया है। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर राय का कहना है कि पहले जहां बसों के जरिये चारधाम यात्रा करने पर तीर्थयात्रियोें को प्रति सीट 33 सौ रुपये किराया देना होता था वहीं अब यात्रियों को 3800 रुपये किराया देना होगा। यदि कोई यात्री सिर्फ परिवहन महासंघ की बसों से बदरीनाथ धाम की यात्रा करना चाहता है तो उसे 1200 की जगह 1400 रुपये किराया देना होगा। 

राज्य परिवहन प्राधिकरण ने साल 2019 के बाद नहीं बढ़ाया चारधाम यात्रा का किराया 
दून ट्रैवल्स आनर्स  एसोसिएशन व उत्तराखंड परिवहन महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि चारधाम यात्रा के किराए में बढ़ोतरी करना उनकी मजबूरी बन गया है। राज्य परिवहन प्राधिकरण ने साल 2019 के बाद चार धाम यात्रा के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। जबकि तेल की कीमतें काफी बढ़ चुकी है। ऐसे में एसटीए की ओर से  निर्धारित किराए पर गाड़ियों का संचालन करना घाटे का सौदा साबित होगा। लिहाजा चारधाम यात्रा के किराए में बढ़ोतरी की जा रही है।

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रूस - यूक्रेन युद्ध के चलते बढ़ी तेल की कीमतें तो और बढ़ेगा किराया 

चारधाम यात्रा पर जाने वाली गाड़ियों का किराया बढ़ाने के साथ अभी और अधिक किराया बढ़ने की आशंका है। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय का कहना है कि यदि रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते तेल कीमतों में और अधिक बढ़ोतरी होती है तो चार धाम यात्रा के किराए में और बढ़ोतरी का निर्णय लिया जा सकता है।

निर्धारित से ज्यादा वसूला किराया तो होगी कार्रवाई : अपर आयुक्त 
 एक ओर दून ट्रैवल्स आनर्स एसोसिएशन और उत्तराखंड परिवहन महासंघ की ओर से चारधाम यात्रा के किराए में बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। वहीं परिवहन विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि दून ट्रेवल्स आनर्स एसोसिएशन और उत्तराखंड परिवहन महासंघ के पदाधिकारी को चारधाम यात्रा के किराए में बढ़ोतरी का कोई अधिकार नहीं है।

अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह का कहना है कि राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से किराए की जो दरें निर्धारित की गई है। उससे अधिक किराया चारधाम यात्रा के तीर्थयात्रियों से वसूला गया था तो इसकी विधिवत जांच कराई जाएगी और संबंधित गाड़ी संचालक के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। अलबत्ता यदि गाड़ी संचालक एसटीए की ओर से निर्धारित दरों से कम किराया ले रहे है तो उन्हें किराया बढ़ाने का अधिकार है। 

राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक जल्द,  किराए में बढ़ोतरी कर लिया जाएगा कोई फैसला 
अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह का यह भी कहना है कि पिछले दो साल से जारी कोरोना संकट  और फिर विधानसभा चुनाव के चलते राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक नहीं हो पाई है। ऐसे में गाड़ियों के किराए में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। ऐसे में जल्द ही राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक बुलाई जाएगी और बैठक में विस्तृत चर्चा कर किराए में बढ़ोतरी को लेकर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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