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उत्तराखंड सत्ता संग्राम 2022: इस बार किसानों के मुद्दे पर भी सियासी जंग के आसार, इन सीटों पर पड़ सकता है असर

Wed, 24 Nov 2021 10:32 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश की करीब दो दर्जन विधानसभा सीटों पर किसान मतदाताओं का असर है। 2017 में भाजपा को सत्ता पर काबिज कराने में तीन मैदानी जिलों की अहम भूमिका रही है। यही तीनों जिले किसान आंदोलन से प्रभावित रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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किसानों के मुद्दे के बहाने विपक्ष प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के दबदबे वाले जिलों में सेंध लगाने के मंसूबे पाले हुए है। तीनों चर्चित कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के बावजूद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी किसान आंदोलन की अतीत की घटनाओं के बहाने भाजपा को असहज करने की कोशिश करेंगी। इधर, भाजपा भी पलटवार करने को तैयार है।

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करीब दो दर्जन विस सीटों पर किसान मतदाताओं का असर
प्रदेश की करीब दो दर्जन विधानसभा सीटों पर किसान मतदाताओं का असर है। 2017 में भाजपा को सत्ता पर काबिज कराने में तीन मैदानी जिलों की अहम भूमिका रही है। यही तीनों जिले किसान आंदोलन से प्रभावित रहे हैं। पर्वतीय जिलों में किसान आंदोलन का कोई प्रभाव नहीं रहा। बेशक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान कर दिया है। लेकिन अभी किसानों के मुद्दे पर सियासत खत्म नहीं हुई है।

विधानसभा चुनाव को देखते हुए किसानों के मसलों की सियासत के और ज्यादा गरमाने के आसार हैं। गन्ना समर्थन मूल्य बढ़ाने से लेकर अन्य मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने के अभियान में जुट गया है। कांग्रेस और आप के नेताओं ने तराई क्षेत्र में दौरे करने शुरू कर दिए हैं। इधर, भाजपा ने भी पलटवार की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के मुताबिक, भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने किसानों के हित कई अहम फैसले लिए। पार्टी कार्यकर्ता इन फैसलों को लेकर मतदाताओं के बीच जाएंगे। 
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तीन मैदानी जिलों में किसानों की संख्या

जनपद  -   किसानों की संख्या   
देहरादून      -     60373
हरिद्वार       -     87950
ऊधमसिंहनगर  -  94677
नैनीताल   -       101221
कुल योग    -      3,44,221

देहरादून की तीन विस सीटों पर प्रभाव
देहरादून जिले में 10 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से तीन विधानसभा सीटों पर किसानों का प्रभाव हैं। इनमें डोईवाला, विकासनगर और सहसपुर चुनाव क्षेत्र हैं। तीनों सीटों पर भाजपा का कब्जा है।

हरिद्वार में 10 सीटों पर किसान बड़ा फेक्टर
हरिद्वार जिले की 11 विधानसभा सीटों में 10 सीटों पर किसान बड़ा फेक्टर माने जाते हैं। जिले के पश्चिमी यूपी से सटे विधानसभा क्षेत्रों में किसान आंदोलन का प्रभाव साफ देखा गया। पूरे जिले के किसान आंदोलन के दौरान काफी सक्रिय दिखे। 10 में से सात सीटें भाजपा के पास हैं।

यूएस नगर में सभी सीटों पर किसानों का असर
ऊधमसिंहनगर जिले की सभी नौ सीटों पर किसानों का प्रभाव है। इनमें केवल एक जसपुर विस सीट कांग्रेस के पास है। बाकी आठ सीटों पर भाजपा का कब्जा है। यहां तराई की कुछ सीटों पर किसानों का खासा दखल है। किसान आंदोलन का पूरे जिले पर काफी असर दिखा। कृषि कानूनों की वापसी के एलान से सत्तारूढ़ भाजपा को यहां काफी राहत मिली।
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