बेरोजगारी: प्रदेश में लगातार बेरोजगारी दर बढ़ती जा रही है। कोविड आने के बाद से बेरोजगारी दर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लिहाजा, यह इस बार के विधानसभा चुनाव में युवाओं का सबसे बड़ा मुद्दा है।
शिक्षा: शिक्षा खासतौर पर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और मेडिकल कॉलेजों की बढ़ोतरी भी इस चुनाव में एक मुद्दा है। जैसे- अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज 2012 से आज तक शुरू नहीं हो पाया है। युवा लगातार इसके लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं।
स्वरोजगार: वैसे तो स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने तमाम योजनाएं शुरू कीं लेकिन आज भी युवाओं के बीच स्वरोजगार का प्रोत्साहन अधूरा सा है। सरकारी औपचारिकताओं में उनके सपने दम तोड़ रहे हैं।
नई नौकरी, पुरानी पेंशन: 2005 के बाद प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने वाले करीब 75 हजार युवाओं का मुख्य मुद्दा पुरानी पेंशन बहाली है। इसके लिए वह लगातार मांग कर रहे हैं।
खेल: प्रदेश में खेल नीति तो सरकार ने घोषित की है लेकिन आज भी खेलों का वातावरण, खेल मैदानों की कमी, सुविधाओं, संसाधनों की कमी का भी एक मुद्दा है।
नशाखोरी पर लगाम: प्रदेश में युवाओं के बीच तेजी से बढ़ता नशा भी एक अहम मुद्दा है। नशे की प्रवृत्ति की वजह से युवा वर्ग में असुरक्षा और अपराध पनप रहा है।
पलायन: अपने घर, अपने शहर में रोजगार की कमी युवाओं के लिए पलायन का सबब बनी हुई है। लिहाजा, पलायन इस चुनाव में भी युवाओं का मुद्दा है।
राजनीतिक दलों ने शुरू की रिझाने की कोशिशें
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर युवाओं के मुद्दों पर राजनीतिक दलों ने रिझाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। भाजपा, कांग्रेस और आप इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।
भाजपा: युवा मुख्यमंत्री के तौर पर कुर्सी संभालने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 24 हजार नौकरियां देने का वादा किया। इसके लिए चयन करने वाली संस्थाओं को अधियाचन भी गए। इसके साथ ही भाजपा ने युवा प्रदेश, युवा मुख्यमंत्री, अबकी बार-60 पार का नारा देते हुए बड़े पैमाने पर युवाओं को अपने साथ जोड़ने का अभियान तेज कर दिया है।
कांग्रेस: कांग्रेस चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार आती है तो वह दो साल के भीतर सभी खाली पदों पर भर्तियां करेंगे। इसके बाद जितने भी बेरोजगार बचेंगे, उन्हें हर महीने बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। कांग्रेस युवाओं को रोजगार, बेरोजगारी भत्ता और स्वरोजगार का सपना दिखाकर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
आप: आम आदमी पार्टी ने वादा किया है कि वह सत्ता में आए तो एक साल के भीतर एक लाख युवाओं को नौकरियां देंगे। जब तक नौकरी नहीं मिलेगी, तब तक हर परिवार के एक युवा को पांच हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। रोजगार और पलायन के लिए अलग मंत्रालय बनाया जाएगा, जो इन दोनों महत्वपूर्ण विषयों पर काम करेगा।
सोशल मीडिया के जरिये युवाओं के बीच पैठ की होड़
भाजपा सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को आकर्षित करने का काम कर रही है।आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को ही फोकस किया है। कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया से युवाओं को जोड़ने की कसरत तेज कर दी है।