अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली में मुफ्त बिजली दे रही है। उत्तराखंड में भी आप की सरकार बनने पर हर परिवार को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी और दिन में 24 घंटे बिजली आपू्र्ति की जाएगी।
कहा कि पहले लोगों को भरोसा नहीं था कि कोई सरकार बिजली मुफ्त दे सकती है, लोग आर्थिक संसाधन कम होने का बहाना किया करते थे। लेकिन आज पूरा देश देख रहा है कि दिल्ली सरकार लोगों को मुफ्त बिजली दे रही है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के पास संसाधन हैं, लेकिन इच्छाशक्ति की कमी है।
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के 17 हजार शिक्षकों की नौकरियां छीन लीं: भाजपा
वहीं, दिल्ली भाजपा मीडिया प्रभारी नवीन कुमार जिंदल ने केजरीवाल की इन घोषणाओं पर प्रहार करते हुए इन्हें हास्यास्पद बताया और कहा कि इसी कोरोना काल में केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के 17 हजार शिक्षकों की नौकरियां चली गईं। उन्हें न कोई वेतन दिया गया और बेरोजगार होने पर न कोई भत्ता। इस समय भी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है और सरकार का इस पर कोई ध्यान नहीं है।
जिंदल ने कहा कि डीटीसी के 75 प्रतिशत कर्मचारियों की भी नौकरी छीन ली है। सत्ता में आने के पहले दिल्ली के युवाओं से भी कई बड़े वायदे किए गए थे, लेकिन उनमें से कोई पूरा नहीं हुआ। और अब केजरीवाल दूसरे राज्यों में नौकरी देने का वादा कर रहे हैं।
वहीं केजरीवाल के दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी जोश है। बीते दो महीनों में केजरीवाल देहरादून का दो बार दौरा कर चुके हैं। रविवार को उनका कुमाऊं क्षेत्र का पहला दौरा है। इससे पहले वह दो बार देहरादून आ चुके हैं।
उत्तराखंड में रोजगार भी एक बड़ा मुद्दा
साथ ही रोजगार को लेकर नए एलान कर केजरीवाल ने उत्तराखंड का सियासी माहौल गरमा दिया है। क्योंकि उत्तराखंड में रोजगार भी एक बड़ा मुद्दा है और इसे देखते हुए 2022 के चुनाव के लिए केजरीवाल युवाओं को साधने में पीछे नहीं रहे।
इससे पहले उन्होंने देहरादून दौरे पर हर परिवार को मुफ्त बिजली देने का एलान कर भाजपा और कांग्रेस को सियासी झटका दिया था। वहीं, पिछले महीने उन्होंने उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने के साथ कर्नल अजय कोठियाल को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था।