आम आदमी पार्टी की ओर से आधी आबादी को साधने की संभावना पहले ही जताई जा रही थी, क्योंकि केजरीवाल ने पंजाब में महिलाओं को ध्यान में रखते हुए घोषणा की है।
आम आदमी पार्टी ने वहां कहा है कि अगर पंजाब में उसकी सरकार बनती है तो 18 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र की हर महिला के खाते में हर महीने एक हजार रुपये भेजे जाएंगे। हालांकि आगामी चुनाव में यह देखने वाली बात होगी कि केजरीवाल की महिलाओं पर केंद्रित इस घोषणा का क्या असर होता है।
मतदान में किसी भी मामले में पुरुषों से पीछे नहीं है महिलाएं। 2019 के लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो कुल 62.36 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें महिलाओं की भागीदारी 47.79 प्रतिशत थी। इसी तरह विधानसभा चुनाव में भी 65.6 प्रतिशत मतदान में से महिला मतदाताओं का प्रतिशत 47.43 था।
लोकलुभावन घोषणाओं से बढ़ेगा कर्ज का मर्ज
उत्तराखंड के ऊपर वर्तमान में 85 हजार करोड़ का कर्ज है। ऐसे में सभी पार्टियों की ओर से किए जा रहे लोकलुभावन वादे क्या राज्य के लिए मुफीद साबित होंगे? यह सवाल हर प्रदेश वासी के जेहन में होगा कि प्रदेश सरकारें इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए बजट कहां से लाएंगी। हालांकि इसके पीछे केजरीवाल का दिल्ली मॉडल है, जिसकी चकाचौंध से हर तीसरा आदमी संमोहित नजर आता है।