कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं के पीछे हरिद्वार में दिया गया वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस में उनके साथ न्याय नहीं हुआ। राज्यसभा भेजने से लेकर मंत्री बनाने तक, उनकी उपेक्षा हुई। उनके इस बयान को उनकी नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
दिल्ली में होने से अटकलें रहीं तेज
किशोर उपाध्याय के सोमवार को दिल्ली में होने की चर्चाएं थीं। बलूनी ने ट्वीट किया तो सियासी हलकों में किशोर के नाम की अटकलें तेज हो गईं। दिन में कुछ मीडिया कर्मियों ने किशोर से बात की तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया, लेकिन शाम को किशोर का फोन नहीं उठा।
दिनेश धनै के नाम की भी रही चर्चा
पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै की भी भाजपा में जाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। धनै 2017 में टिहरी विधानसभा सीट से चुनाव हारे थे। किशोर भी टिहरी सीट से दावेदारी कर रहे हैं। इस सीट पर भाजपा के धन सिंह नेगी विधायक हैं।
कांग्रेस के कुछ और नेताओं पर भाजपा की नजर
भाजपा की कांग्रेस के कुछ और नेताओं पर नजर लगी है। पार्टी ने दो विधायकों को अपने पाले में लाकर कांग्रेसी खेमे में हलचल मचा रखी है। कुछ पूर्व विधायकों के भी पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने बाहर से आने वाले लोगों के लिए पूरी तरह से दरवाजे खोल दिए गए हैं।
राजकुमार पुरोला से लड़ेंगे या राजपुर से
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पुरोला के विधायक राजकुमार कहां से चुनाव लड़ेंगे, यह सवाल दो विधानसभा क्षेत्रों में खूब गरमा रहा है। पुरोला से भाजपा के पूर्व विधायक मालचंद पिछले साढ़े चार साल से तैयारी कर रहे हैं। राजकुमार के पार्टी में आने से अब प्रश्न है कि पार्टी किस चेहरे पर वहां दांव लगाएगी। राजकुमार के राजपुर रोड विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी की चर्चाएं भी हैं। इस सीट पर भाजपा के खजान दास विधायक हैं।