अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ ने भाजपा सरकार की ओर से चुनावी वर्ष में की जा रहीं तमाम घोषणाओं पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार पिछले पौने पांच वर्ष की एक ऐसी घोषाणा बताए, जो उसने करने के बाद पूरी की हो। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को राजनीतिक पर्यटन की संख्या दी तो सवाल उठाया कि यदि डेनिस शराब जहर है तो आज भाजपा सरकार में सेना कैंटीनों में क्यों बिक रही है।
शराब की फैक्टरी लगाने का महापाप भाजपा ने किया
रविवार को कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि उत्तराखंड में देश की पहली ऐसी सरकार बनने का कीर्तिमान हासिल किया है, जो प्रदेशवासियों को शराब की होम डिलीवरी करवाती है। जब प्रदेश की मातृशक्ति इसके विरोध में सड़कों पर उतरती है तो उनको जबरन झूठे मुकदमों में फंसाया जाता है। पिछले पौने पांच साल के कार्यकाल में 120 से ज्यादा शराब की दुकानें खोलीं, यह भाजपा के 2017 के दृष्टिगत के खिलाफ थी। इस सरकार ने देवप्रयाग (जो कि भागीरथी एवं मदाकिनी नदी का संगम है) में शराब की फैक्टरी लगाने का महापाप किया है।
वल्लभ ने कहा कि भाजपा की उत्तराखंड सरकार ने पूरे देश में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसे कोई भी राज्य सरकार नहीं तोड़ सकती है। पिछले पौने पांच साल में लोक सेवा आयोग की एक भी परीक्षा नहीं हो पाई, जिसके कारण पूरी एक युवा पीढ़ी पीसीएस अधिकारी बनने से वंचित रह गई। लोक सेवा ही नहीं, बल्कि अधीनस्थ चयन आयोग ने भी पिछले पौने पांच सालों में कोई परीक्षा नहीं कराई। पहले तो परीक्षा होती नहीं है, यदि हो जाती है तो वह घोटालों की भेंट चढ़ जाती है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार जब मार्च 2017 में कांग्रेस की सरकार थी, तब बेरोजगारी दर 0.3 प्रतिशत थी, जो मार्च 2020 में बढ़कर 19.9 प्रतिशत हो गई और दिसंबर 2020 देश में सर्वाधिक बेरोजगारी दर 22.3 प्रतिशत उत्तराखंड में थी। पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री संगठन एवं वरिष्ठ प्रवक्ता मथुरादत्त जोषी, वरिष्ठ प्रवक्त डॉ.आरपी रतूड़ी, मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि उपस्थित थे।
घसियारी योजना को बताया मातृशक्ति का अपमान
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गौरव एक दिन पहले लांच की गई, भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना को मातृशक्ति का अपमान बताया। उनके अनुसार जिस भूमि ने तीलू रौतेली, गौरा देवी, बसंती देवी, हंसा धनई और बछेंद्री पाल जैसी महिलाओं को जन्म दिया, उस राज्य में मातृशक्ति को भाजपा घसियारी बनाकर उनका अपमान कर रही है। हालांकि पत्रकारों के पूछने पर वह स्पष्ट नहीं कर पाए कि कांग्रेस को घसियारी शब्द से क्या दिक्कत है। जबकि यह शब्द यहां के लोक परंपरा और लोक जीवन से सीधा जुड़ा है।
पशुओं को घास भी खरीदकर खिलानी पड़ेगी
प्रो. वल्लभ के अनुसार, अब तक उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में लोगों को अपने पशुओं के लिए घास मुफ्त मिल जाती है, लेकिन घसियारी योजना के लागू होने के बाद वही घास लोगों को कोऑपरेटिव सोसायटी के माध्यम से दो रुपये प्रति किलो की दर से खरीदनी होगी।