प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन शुक्रवार से शुरू होने जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। कोविड संक्रमण की वजह से पहली बार ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन नामांकन की सुविधा भी दी जा रही है। हालांकि ऑनलाइन नामांकन पत्र भरने वालों को भी ऑफलाइन उसका प्रिंट जमा कराना होगा।
चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, शुक्रवार से प्रदेशभर में विधानसभा चुनाव के नामांकन शुरू हो जाएंगे। 28 जनवरी तक नामांकन कर सकेंगे। इसके बाद 29 जनवरी को नामांकन की छंटनी होगी। 31 जनवरी तक नाम वापस ले सकते हैं। इसके बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
इस बार नामांकन की प्रक्रिया ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी होगी। इसके लिए चुनाव आयोग ने सुविधा पोर्टल की शुरुआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से प्रत्याशी अपने फॉर्म डाउनलोड कर सकता है, भर सकता है, शुल्क जमा करा सकता है।
दस हजार रुपये है जमानत राशि
विधानसभाचुनाव नामांकन के लिए सभी प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि दस हजार रुपये है। आरक्षित वर्ग के प्रत्याशियों के लिए यह रकम पांच हजार रुपये होगी। राजपुर रोड के रिटर्निंग ऑफिसर रजा अब्बास ने बताया कि जो प्रत्याशी ऑनलाइन नामांकन करेगा, उसे नामांकन से जुड़े सभी दस्तावेज का प्रिंट लाकर संबंधित आरओ के पास जमा कराना होगा।
यह हैं नामांकन से जुड़े नियम
-प्रत्याशी को ऑनलाइन नामांकन, शपथ पत्र, जमानत राशि, मतदाता प्रमाण पत्र लेने की सुविधा दी गई है।
-नामांकन जमा कराते वक्त प्रत्याशी के साथ केवल दो लोग ही भीतर जा सकेंगे।
-नामांकन में आने वाले प्रत्याशी अधिकतम दो वाहनों से ही नामांकन के लिए आ सकेगा। भारी भरकम जुलूस की अनुमति नहीं है।
कांग्रेस के दबदबे वाली चकराता विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा नया प्रयोग कर सकती है। पार्टी रामशरण नौटियाल पर दांव लगा सकती है। नौटियाल लंबे समय भाजपा में हैं और टिकट की दावेदारी करते आए हैं। उनके पुत्र मशहूर पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल पिता के टिकट के लिए प्रयास कर रहे हैं।
उधर, पार्टी सूत्रों ने भी संकेत दिए हैं कि चकराता में इस बार पार्टी नौटियाल को मैदान में उतारने पर गंभीर है। केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में उनके नाम पर गंभीरता से विचार हुआ। 2017 में पार्टी ने विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पत्नी मधु चौहान को मैदान में उतारा था। मधु ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रीतम सिंह चौहान को कड़ी टक्कर दी थी। वह केवल 1543 वोटों से पराजित हुई थीं। वर्तमान में मधु चौहान जिला पंचायत की अध्यक्ष हैं। पार्टी में एक परिवार में एक से अधिक टिकट को लेकर चल रहा विरोध मधु की दावेदारी के चुनौती माना जा रहा है।
असंतोष को थामने के लिए रणनीति बनाने में जुटे पर्यवेक्षक
टिकटों के एलान के साथ ही तमाम सीटों पर बगावत के सुर भी उठ सकते हैं। ऐसे में पार्टी की ओर से पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए मोहन प्रकाश जोशी ने ऐसी सीटों की टोह लेनी शुरू कर दी है। टिकटों की घोषणा के साथ ही तमाम सीटों पर कई दावेदारों को झटका लग सकता है। इसके बाद पार्टी में नाराजगी और असंतोष के सुर भी उठ सकते हैं। इस नाराजगी को कैसे कम किया जाए, पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश जोशी ने इस संबंध में रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
उन्होंने पार्टी कार्यालय पहुंचकर ऐसी सीटों की जानकारी जुटाई और असंतोष से निपटने की रणनीति बनाई। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलने के साथ ही दूरभाष पर फिडबैक लिया। उनका मानना है कि जो नेता या कार्यकर्ता पिछले पांच साल से किसी सीट पर तैयारी कर रहा है, यदि उसे टिकट नहीं मिलता तो उसका नाराज होना जायज है। लेकिन पार्टी ऐसे सभी नेताओं से अपील करती है कि वह निजी हितों को एक तरफ रखते हुए पार्टी के लिए सोचें।