कांग्रेस ने हरीश रावत के धुर विरोधी रणजीत रावत को सल्ट विधानसभा से उम्मीदवार बनाया है। सल्ट विधानसभा सीट से रणजीत चुनाव लड़ते आए हैं। लेकिन 2017 का चुनाव उन्होंने रामनगर से ही लड़ा था और पिछले पांच साल से वह इसी सीट पर फोकस कर रहे थे। कांग्रेस अपने नए बदले दांव को अपने पक्ष में मान रही है।
पार्टी का मानना है कि दिग्गज हरीश रावत के लालकुआं से प्रत्याशी बनने का लाभ नैनीताल तराई की बाकी सभी सीटों पर मिल सकता है। कांग्रेस के लिए कुछ सुकून की बात यह है कि लालकुआं में संध्या डालाकोटी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से बागी नजर आ रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश्चंद्र दुर्गापाल भी हरीश रावत के नाम पर नरम पड़ गए हैं। लेकिन अब डालाकोटी के तेवर तल्ख हैं और कांग्रेस के सामने उनकी नाराजगी को दूर करना भी चुनौती होगी। हेवीवेट होने के बावजूद हरीश रावत के लिए लालकुआं का समर बहुत आसान नहीं है।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष होने के नाते उनके ऊपर पार्टी के दूसरे प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने का भी दारोमदार है। रामनगर के रण में उतरने के बाद वह खुद को ज्यादा सहज पा रहे थे, लेकिन उसे छोड़ने के बाद लालकुआं के समर में उन्हें ज्यादा परिश्रम करना पड़ सकता है। उनके लिए दूसरी चिंता अनुपमा रावत हो सकती हैं, जिन्हें कांग्रेस ने हरिद्वार ग्रामीण से प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर हरीश रावत 2017 का विधानसभा चुनाव हार गए थे।