सभी भवनों में अग्नि सुरक्षा की जांच करेगी। आग लगने पर निकास के लिए रास्तों को भी चेक करेगी। भवनों में विद्युत सुरक्षा की जांच की जाएगी। ये भी देखा जाएगा कि उस इमारत में इलेक्टिट्रक सेफ्टी विभाग से प्रमाणपत्र मिला है या नहीं।
इसके अलावा कोचिंग सेंटर के ऐसे भवन, जिनके बेसमेंट में मानवीय गतिविधियां संचालित हो रही होंगी, उनका दस्तावेजीकरण किया जाएगा। मानकों का अनुपालन न पाए जाने पर जांच रिपोर्ट में इसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा। ऐसे कोचिंग सेंटर व अन्य भवन स्वामियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।