वर्तमान समय में देश ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। जिस रफ्तार से देश विकास के पथ पर अग्रसर है, उसे देखते हुए साल 2047 तक भारत वैश्विक गुरु के अभीष्ट को प्राप्त कर लेगा। दुनिया के तमाम देश भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं।
उपरोक्त बात भाजपा के केंद्रीय प्रवक्ता एवं राज्य सांसद सुुुधांशु त्रिवेदी ने कहा। त्रिवेदी नारद जयंती पर विश्व संवाद केंद्र की ओर से पंडित नैन सिंह रावत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। उन्होंने पत्रकारों से आह्वान किया कि जनकल्याण के लिए सत्य एवं तथ्य सामने लाने की क्षमता व मानसिकता रखने वाले आज के पत्रकार देवऋषि नारद का ही रूप है, जो हमेशा से समाज हित के लिए संकल्पित है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने व देश के विकास में मीडिया के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकार धर्म, योग, दर्शन, राजनीति, इतिहास, अध्यात्म एवं आर्थिक विषयों के गहन अध्येता है और सभी विषयों का तथ्यात्मक विश्लेषण करते हुए समाज को सही दिशा देने का निरंतर कार्य करते है।
उन्होंने समृद्ध भारतीय संस्कृति की वर्तमान समय में भी प्रासंगिकता पर प्रकाश भी डाला। आरोग्यम एजुकेशनल ट्रस्ट रुड़की के अध्यक्ष संदीप केडिया ने कहा कि आज के समय में व्यापार करने को लेकर परिस्थितियां काफी अनुकूल हैं। आज कोई भी व्यक्ति अपने रोजगार को शुरू करने के बारे में विचार कर सकता है। इससे पूर्व विश्व संवाद केंद्र के निदेशक विजय कुमार ने कहा कि महर्षि नारद ने सदैव लोकहित के लिए संदेशों का संप्रेषण किया। कहा कि नारद के चरित्र से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। उन्होंने आज के समय में पत्रकारिता और पत्रकारों के महत्व को भी बताया। इस दौरान विश्व संवाद केंद्र की जागरण पत्रिका हिमालय हुंकार के विशेषांक ‘स्वाधीनता के 75 वर्ष और मैं’ का भी विमोचन किया गया। विशेषांक के संपादक आलोक डंगवाल ने विशेषांक के बारे में बताया।
इनको मिला नारद पत्रकार सम्मान
राकेश खंडूरी, भूपेंदर कंडारी, अफजाल अहमद, परितोष किमोठी, शैलेश नौटियाल, अधीर यादव, भारती सकलानी उनियाल।
ये रहे मौजूद
विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष सुरेंद्र मित्तल, हिमांशु अग्रवाल, क्षेत्र प्रचारक प्रमुख जगदीश, प्रांत प्रचारक युद्धवीर, भगवती, रणजीत सिंह ज्याला, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, दिनेश उपमन्यु, प्रेम चमोला, बलदेव पराशर आदि।