प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि उदयपुर की घटना और उसके बाद के घटनाक्रम ने सिद्ध कर दिया है कि भाजपा देश में आतंक का माहौल बनाकर मतों के ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ अपने प्रवक्ताओं, वरिष्ठ नेताओं से बयान दिलवाकर सुनियोजित तरीके से विपक्ष के नेताओं की छवि को खराब करने का षड़यंत्र रच रही है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस को संबोधित करते हुए माहरा ने कहा कि आज भले ही ध्रुवीकरण की सस्ती राजनीति से भाजपा को चुनावी लाभ मिल रहा हो, लेकिन लंबे समय में यह देश की एकता, विकास, खुशहाली और स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी पिछली भाजपा सरकार के दौरान ऐसी अनेकों घटनाओं को साम्प्रदायिक रंग देकर झूठ और अर्धसत्यों को परोसकर वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति की गई। आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार भी राज्य की बेहतरी के प्रयास करने के बजाय अपना समय और राज्य के संशाधन इसी एजेंडे को आगे बढ़ाने मेें लगा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल के हत्यारों में से एक न केवल भाजपा नेताओं का नजदीकी था, बल्कि वह भाजपा के सक्रिय सदस्य भी था। कहा कि एनआईए का दायित्व है कि वह हत्यारोपियों के पाकिस्तान के साथ-साथ, भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों से संबंधों को भी सामने लाए। पत्रकार वार्ता में मथुरा दत्त जोशी, विजय सारस्वत, नवीन जोशी, राजीव महर्षी, गरिमा दसौनी, लाल चंद शर्मा, अमरजीत सिंह, शांति रावत आदि उपस्थित रहे।