पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि गंगा की तर्ज पर यमुना और सरयू नदी में जल्द ही आरती शुरू की जाएगी। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही पर्यटन व संस्कृति विभाग के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने संस्कृति विभाग को निर्देश दिए कि सांस्कृतिक दलों के यात्रा किराया बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाए।
सोमवार को पर्यटन मंत्री महाराज ने पर्यटन व संस्कृति विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं की ओर से निर्माण कार्य में देरी करने पर अधिकारियों को ठोस कदम के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। लोक कलाकारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता व यात्रा किराए के भुगतान से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जाए।
महाराज ने कहा कि महाभारत व रामायण सर्किट के तहत विकसित होने वाले सभी रूटों पर यूनिवर्सल कैरावन होने चाहिए। स्मार्ट सिटी में सिटी सेंटर (प्लाजा) मीटिंग प्वाइंट बनाने के लिए तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि सौंग नदी में जहां गर्म पानी का स्रोत है, उस स्थान पर महिलाओं व पुरुषों के स्नान के लिए अलग-अलग स्थान बनाए जाएं। साथ ही उस स्थान को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड में रोपवे का प्रस्ताव तैयार करने को अधिकारियों को निर्देश दिए।
पर्यटन मंत्री ने पौड़ी जिले के विकासखंड पोखरा के तहत दीवा डांडा के लिए झालापाड़ी से दीवा डांडा ट्रैक रूट को भी दुरुस्त करने को कहा। बैठक में पर्यटन सचिव दिलीप दिलीप जावलकर, महानिदेशक संस्कृति स्वाति एस भदौरिया, संस्कृति निदेशक बीना भट्ट, संयुक्त निदेशक पर्यटन विवेक चौहान एवं वरिष्ठ शोध अधिकारी एसएस सामंत आदि मौजूद थे।