श्रावण शिवरात्रि का पर्व सर्वार्थ सिद्धि योग में होगा, जिससे भगवान को जलाभिषेक करने का कई गुणा पुण्य फल मिलेगा। श्रद्धालु इस बार दो दिन तक शिवरात्रि योग में जलाभिषेक कर सकेंगे।
पंडित राकेश कुमार शुक्ल ने बताया कि शुक्रवार को शाम साढ़े छह बजे चतुर्दशी प्रारंभ होगी, जो अगले दिन शाम सात बजे तक रहेगी। शुक्रवार को सर्वार्थ सिद्धि योग एवं आर्द्रा नक्षत्र होने से यह योग सभी कार्यों की सिद्धि कराने वाला होगा।
शिवरात्रि पर चार पहर की विशेष पूजा फलदायी होती है, जो कि सुबह के समय साढ़े छह बजे से साढ़े आठ बजे तक हुई, जबकि दोपहर की पूजा 12 बजकर पांच मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक होगी। शाम को पूजा सात बजे से रात्रि 9.40 तक होगी। पंडित शुक्ल ने बताया कि आज व्रत रखकर भगवान शिव का अभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
विधान के अनुसार संतान कामना के लिए गाय के दूध, धन प्राप्ति के लिए गन्ने का रस, बुद्धि प्राप्ति के लिए मीठा जल, रोग शांति के लिए कुश का जल, असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए शहद, पशुधन प्राप्ति के लिए दही आदि द्रव्यों से भगवान को अभिषेक कराने से मनोकामना पूर्ण होती है। इस दिन भगवान शिव को पंच अमृत से स्नान कराने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।